राज्योत्सव में आरएनटीयू के कृषि स्टॉल ने खींचा ध्यान, मुख्यमंत्री ने मृदा परीक्षण मॉडल की सराहना की

विद्यार्थियों ने कृषि नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों का किया प्रदर्शन, मिलेट उत्पादों की भी दी जानकारी
भोपाल। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर लाल परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव में रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) के कृषि संकाय के स्टॉल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वविद्यालय के स्टॉल का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए कृषि नवाचारों की सराहना की। उन्होंने मृदा परीक्षण के प्रोटोटाइप को उपयोगी पहल बताया।
स्टॉल पर कृषि संकाय के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने मिट्टी की जांच और कृषि में उसके महत्व को समझाने के लिए मृदा परीक्षण का मॉडल प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने इसके माध्यम से कृषि में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग और मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी दी।
प्रदर्शनी में रमन ग्रीन्स के मिलेट उत्पादों के साथ जैविक और अन्य कृषि उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए। आगंतुकों को इन उत्पादों की विशेषताओं और उपयोग के बारे में बताया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रो. आरपी दुबे ने कहा कि कृषि क्षेत्र में शोध और नवाचार समय की आवश्यकता हैं। विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और नए प्रयोगों से जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।
कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने से उनमें नवाचार की भावना विकसित होती है। ऐसे प्रयास विश्वविद्यालय के शोध कार्यों को समाज और किसानों तक पहुंचाने में भी सहायक हैं।
कृषि संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि विभाग शोध, नवाचार और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रहा है। मृदा परीक्षण, जैविक उत्पादन और कृषि की नई तकनीकों से जुड़ी जानकारी किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
इस अवसर पर कृषि संकाय के डॉ. दिनकर और डॉ. सुमित, एडमिशन टीम से शरद दुबे और सीमा उपाध्याय तथा रमन ग्रीन्स के दिनेश कुमार उपस्थित रहे।





