रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी, बसों में तीन गुना तक किराया; ट्रेन-फ्लाइट भी फुल

भोपाल, 27 अगस्त। रक्षाबंधन के चलते भोपाल से दूसरे शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बसों में जहां सामान्य दिनों की तुलना में किराया कई गुना तक बढ़ गया है, वहीं ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। फ्लाइट में भी सीटें तेजी से भर रही हैं। यात्रियों को बस, ट्रेन और हवाई यात्रा—तीनों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्लीपर बसों में तीन गुना तक किराया
ट्रेनों में आरक्षण नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में यात्री बसों का रुख कर रहे हैं। यात्रियों का आरोप है कि बस ऑपरेटर लंबी दूरी के रूट पर सामान्य किराये से तीन गुना तक अधिक राशि वसूल रहे हैं। सरकार द्वारा बस किराये में पहले ही 40 प्रतिशत की वृद्धि की जा चुकी है।
बालाघाट जाने का किराया 40 प्रतिशत वृद्धि के बाद करीब 560 रुपये बताया जा रहा है, लेकिन वर्तमान में नॉन-एसी बस में करीब 1500 रुपये और एसी बस में 2100 रुपये तक लिए जाने की बात सामने आई है। इसी तरह भोपाल से पुणे का सामान्य किराया करीब 1300 रुपये है, जो त्योहार के दौरान 4500 रुपये तक पहुंच गया है।
रीवा की 70 सीटर फ्लाइट फुल
रीवा जाने वाली करीब 70 सीटों की फ्लाइट में सामान्य दिनों में 10 से 15 यात्री ही सफर करते थे। लेकिन रक्षाबंधन के चलते गुरुवार की फ्लाइट पूरी तरह फुल हो गई। इससे हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भी त्योहार के दौरान बढ़ोतरी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं, स्लीपर में भी भीड़
पिछले दो दिनों से ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। जिन यात्रियों के पास ऑनलाइन आरक्षण है, उन्हें भी कई जगह सीट तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। जनरल कोच में पैर रखने तक की जगह नहीं है, जिसके कारण बिना आरक्षण वाले यात्री स्लीपर कोच में सफर करते नजर आ रहे हैं।
कन्फर्म टिकट, फिर भी सीट पर नहीं बैठ पाए यात्री
भोपाल एक्सप्रेस से ग्वालियर से भोपाल आए यात्री देवेश शर्मा ने बताया कि उनका स्लीपर कोच में कन्फर्म टिकट था। स्टेशन पर बोगी में प्रवेश करना ही मुश्किल हो गया। किसी तरह सीट तक पहुंचे तो वहां पहले से कई लोग बैठे थे। उन्होंने बताया कि कन्फर्म टिकट होने के बावजूद संबंधित यात्रियों ने सीट खाली नहीं की।
बस ऑपरेटर बोले- त्योहार पर ही नुकसान की भरपाई
अधिक किराया वसूलने के सवाल पर एक बस ऑपरेटर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्लीपर कोच बस की कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये होती है। सामान्य दिनों में कई बार केवल 10-15 यात्री ही मिलते हैं और डीजल का खर्च भी नहीं निकल पाता। ऑपरेटर का कहना है कि त्योहार के कुछ दिनों में ही नुकसान की भरपाई का मौका मिलता है। हालांकि, यात्रियों के लिए त्योहार के समय अचानक कई गुना किराया बढ़ना बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है।





