परमार्थ निकेतन में तीन दिवसीय राष्ट्रीय योगिनी नेतृत्व एवं आध्यात्मिक रिट्रीट का समापन, योग और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
भोपाल। ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में भारतीय योगिनी महासंघ की ओर से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय योगिनी नेतृत्व एवं आध्यात्मिक रिट्रीट 2026 का समापन हुआ। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आईं योगिनी बहनों और महासंघ की वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं का आध्यात्मिक विकास, नेतृत्व क्षमता बढ़ाना, संगठनात्मक एकता और समाज सेवा के कार्यों को मजबूत करना था।
महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर. एच. लता ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। योग के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का अभियान योगिनी बहनों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और योग का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती का सान्निध्य मिला। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि योगशक्ति का उपयोग समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में किया जाना चाहिए। स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगिनी बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने योग, स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और सेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
रिट्रीट के दौरान आयोजित शक्ति संवाद में महासंघ की सामाजिक गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा हुई। योगिनी बहनों ने अपने अनुभव साझा किए और महिला नेतृत्व, जनसेवा तथा योग के प्रचार-प्रसार को विस्तार देने पर जोर दिया। समापन के बाद सभी प्रतिभागी नए संकल्प और ऊर्जा के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए रवाना हुईं।
