मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें: संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा

भोपाल, 25 अगस्त 2026। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को भोपाल संभाग में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का गर्भावस्था के पहले तीन माह में पंजीयन, कम से कम चार एएनसी जांच, पोषण, निरंतर देखभाल और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। जन्म के बाद बच्चों के टीकाकरण और पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
संभागायुक्त ने मंगलवार को कमिश्नर कार्यालय में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. नीलम गुप्ता सहित जिलों के स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि ब्लॉक स्तर के अधिकारी ऑनलाइन जुड़े।
भोपाल में 77 प्रतिशत प्रथम एएनसी जांच
जिलेवार समीक्षा में गर्भवती महिलाओं की प्रथम एएनसी जांच की प्रगति भोपाल में 77 प्रतिशत, रायसेन में 97 प्रतिशत, राजगढ़ में 94.74 प्रतिशत, सीहोर में 94 प्रतिशत और विदिशा में 93.51 प्रतिशत पाई गई। संभागायुक्त ने सभी जिलों में शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भोपाल की कम प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई।
उन्होंने प्रत्येक मातृ एवं शिशु मृत्यु की गहन समीक्षा कर कारणों की पहचान करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
डेंगू और डायरिया पर विशेष निगरानी
बैठक में मलेरिया, डेंगू, मीजल्स, डायरिया, चिकनगुनिया और क्षयरोग सहित विभिन्न बीमारियों की स्थिति की समीक्षा की गई। भोपाल में डेंगू के अधिक मामले मिलने पर जांच और उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। रायसेन के गैरतगंज में डायरिया के मामलों को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं करने और सीहोर में टीकाकरण की दर बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच सुविधाओं और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
स्वच्छ पेयजल पर जोर
वर्षाकालीन बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वच्छ पेयजल पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से समन्वय कर लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए।
70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाएं
बैठक में 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने की भी समीक्षा हुई। संभाग के सभी जिलों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संभागायुक्त ने कार्य में तेजी लाते हुए पात्र सभी बुजुर्गों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए।





