मुरैना से ट्रेन के जरिए पहुंची 2.50 लाख रुपए की खेप
-रेलवे अधिकारियों के कार्रवाई से इनकार के बाद वरिष्ठ अफसरों के हस्तक्षेप से बाहर निकला माल
भोपाल, 28 अक्टूबर. दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए भोपाल रेलवे स्टेशन पर 700 किलो से अधिक एनालॉग पनीर जब्त किया, लेकिन माल पकडऩे के बाद उसे रेलवे परिसर से बाहर निकालने में ही विभाग की टीम को कई घंटे मशक्कत करनी पड़ी. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक रेलवे के संबंधित अधिकारियों ने परिसर में कार्रवाई करने से इनकार कर दिया और माल को रेलवे क्षेत्र बताते हुए विभाग की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा. इसके बाद खाद्य सुरक्षा आयुक्त मनोज पुष्प ने देर रात रेलवे और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की. करीब चार से पांच घंटे की मशक्कत के बाद माल रेलवे परिसर से बाहर निकलवाकर खाद्य विभाग ने अपनी अभिरक्षा में लिया.
-रात दो बजे पहुंची टीम, तीन तरफ से की घेराबंदी
मुरैना से ट्रेन के जरिए बड़ी मात्रा में एनालॉग पनीर भोपाल पहुंचने की सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मंगलवार देर रात करीब दो बजे रेलवे स्टेशन पहुंची. टीम ने माल को बाहर निकलने से रोकने के लिए स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में निगरानी रखी. अधिकारियों के मुताबिक एक, तीन और छह नंबर प्लेटफार्म के आसपास भी टीम के सदस्य तैनात रहे. कई घंटे तक निगरानी के बाद माल को रेलवे परिसर से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू हो सकी.
-रेलवे के स्वास्थ्य अमले ने कार्रवाई से किया इनकार
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार माल रेलवे के पार्सल गोदाम तक पहुंच चुका था. टीम ने जब कार्रवाई शुरू करनी चाही तो रेलवे की ओर से इसे रेलवे परिसर का मामला बताया गया. रेलवे के स्वास्थ्य अमले से भी संपर्क किया गया. विभाग का आरोप है कि मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य निरीक्षक ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया. इसके बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और रेलवे के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया.
-वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बाहर निकला माल
मामला बढऩे पर खाद्य सुरक्षा आयुक्त मनोज पुष्प ने देर रात रेलवे और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया. अधिकारियों के मुताबिक बातचीत के बाद माल को रेलवे परिसर से बाहर निकालने की अनुमति मिली. इसके बाद खाद्य विभाग ने पूरी खेप अपनी अभिरक्षा में लेकर जांच शुरू की. अधिकारियों का कहना है कि टीम ने समय रहते घेराबंदी नहीं की होती तो माल स्टेशन से बाहर निकल सकता था.
-ट्रेन के बाद बस-मेटाडोर से भी बदल देते हैं रास्ता
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक मावा, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की संदिग्ध खेप भोपाल तक पहुंचाने के लिए कारोबारी परिवहन के अलग-अलग साधनों का इस्तेमाल करते हैं. ट्रेन से आने वाली खेप पर निगरानी बढऩे पर बस, मेटाडोर, छोटे मालवाहक वाहन या निजी वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकता है. अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई बढऩे पर रास्ता बदलना इनके लिए आम तरीका है.
-2.50 लाख रुपए की खेप, बिल-बिल्टी के आधार पर प्रकरण
जब्त किए गए 700 किलो से अधिक एनालॉग पनीर की कीमत करीब 2.50 लाख रुपए बताई गई है. खाद्य विभाग ने बिल और बिल्टी के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है. पनीर के नमूने लेकर जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इनका कहना है
रेलवे के हेल्थ ऑफिसर को सूचना मिलने पर कार्रवाई करना चाहिए, हम लोग तो लगातार कार्रवाई कर रहे हैं,
-शिवराम पावक, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी
जिला प्रशासन द्वारा रेलवे के परिसर से जब्ती नहीं बनाई जा रही थी. उनके द्वारा परिसर से बाहर जब्ती बनाई जा रही थी, जिसके कारण देर हुई. यदि परिसर से जब्ती बनाते तो जिला प्रशासन के अधिकारियों को रेलवे को पंचनामा देना होता, जिससे माल आसानी से सुपुर्द कर दिया जाता.
-नवल अग्रवाल, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पमरे
