भोपाल रेल मंडल में 35 मिनट में सुलझ रहीं यात्रियों की शिकायतें

पिछले साल के मुकाबले औसत समाधान समय 30% घटा, छह महीने में रेल मदद पर आईं 49 हजार से ज्यादा शिकायतें
भोपाल। भोपाल रेल मंडल में रेल मदद पोर्टल और मोबाइल एप के जरिए मिलने वाली यात्री शिकायतों के समाधान का औसत समय घटकर 35 मिनट रह गया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मंडल को 49,034 शिकायतें मिलीं। पिछले साल इसी अवधि में 35,082 शिकायतें दर्ज हुई थीं और उनके समाधान में औसतन 50 मिनट लगते थे। इस तरह शिकायतों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत वृद्धि के बावजूद औसत समाधान समय में 30 प्रतिशत की कमी आई है।
रेल प्रशासन के अनुसार, शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में रेल मदद वॉर रूम के जरिए शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही है। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी जाती है और समस्या के समाधान तक कार्रवाई पर नजर रखी जाती है।
139 हेल्पलाइन भी रेल मदद से जुड़ी
रेलवे की हेल्पलाइन 139 सहित विभिन्न शिकायत माध्यमों को रेल मदद प्रणाली से जोड़ा गया है। इससे यात्रियों की शिकायतें एक ही मंच पर दर्ज होकर संबंधित विभाग तक पहुंचती हैं। शिकायत का निराकरण होने के बाद यात्रियों से फीडबैक भी लिया जाता है, ताकि सेवाओं में सुधार किया जा सके।
रेल मदद वॉर रूम में वाणिज्य, विद्युत, कैरिज एवं वैगन, चिकित्सा और रेलवे सुरक्षा बल सहित संबंधित विभागों के कर्मचारी 24 घंटे समन्वय के साथ काम करते हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों की समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई करना है।
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग को तुरंत सूचित किया जाता है। जरूरत पड़ने पर यात्री से संपर्क भी किया जाता है और समस्या के समाधान तक निगरानी रखी जाती है।
रेल प्रशासन का कहना है कि शिकायतों की नियमित समीक्षा और विभागीय समन्वय के जरिए यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने तथा समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।





