बिरसा मुंडा जयंती पर 14 से 16 नवंबर तक प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम, जनप्रतिनिधियों से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील
भोपाल, 5 नवंबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय समाज का सम्मान और कल्याण मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों को विकास की बड़ी सौगातें मिल रही हैं। सरकार जनजातीय महापुरुषों के योगदान और गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में अनुसूचित जनजाति समाज के जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में नर्मदा जल, पीएम मित्र पार्क और पीएम जनमन योजना जैसी पहल विकास के नए अवसर उपलब्ध करा रही हैं। सरकार बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।
14 से 16 नवंबर तक होंगे आयोजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 14, 15 और 16 नवंबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शुरुआत 14 नवंबर को जबलपुर से होगी। 15 नवंबर को डही से आलीराजपुर तक दूसरी पाइपलाइन का लोकार्पण और कार्यक्रम होगा। 16 नवंबर को खंडवा में आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने टंट्या मामा, राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और रानी दुर्गावती सहित जनजातीय नायकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नाम पर संस्थान और योजनाएं शुरू कर नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान से परिचित कराया जा रहा है। भगोरिया को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा देकर जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को सम्मान दिया गया है।
शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय युवा आज प्रशासनिक सेवाओं, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। धार जिले की डही सिंचाई परियोजना से लगभग पौने तीन सौ गांवों को लाभ मिलने की बात भी उन्होंने कही।
बिरसा मुंडा का संघर्ष प्रेरणास्रोत: खण्डेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज की जमीन, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। उनका जीवन अधिकारों की रक्षा और आत्मसम्मान का प्रतीक है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से बिरसा मुंडा के विचारों और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की।
खण्डेलवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जनजातीय परिवारों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनें और समाधान कराएं। उन्होंने स्वामित्व योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आवास के कानूनी दस्तावेज मिलने से पात्र परिवारों को बैंक ऋण, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसरों में मदद मिल सकती है।
सम्मेलन को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद गजेंद्र पटेल और अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज टेकाम ने भी संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, सावित्री ठाकुर, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, मंत्री विजय शाह, राधा सिंह, डॉ. मुन्नालाल रावत सहित जनजातीय समाज के जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
