केरवा डैम की मुख्य नदी में अवैध भराव कर रास्ता बनाने का आरोप

-पश्चिमी भोपाल बायपास के पास प्लॉटिंग के लिए नदी और सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत

भोपाल। पश्चिमी भोपाल बायपास के समसगढ़ क्षेत्र में केरवा डैम के कैचमेंट एरिया की मुख्य नदी में मिट्टी और कोपरा डालकर अवैध सडक़ बनाने तथा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत की गई है। पर्यावरणविद् राशिद नूर खान ने कलेक्टर, एसडीएम हुजूर और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, बायपास के नजदीक जमीनों की कीमत बढ़ाने और प्लॉटिंग के लिए नदी को पाटकर रास्ते बनाए जा रहे हैं। आरोप है कि ग्राम मित्तूखेड़ी के खसरा नंबर 104 और 105 तक पहुंचने के लिए सरकारी जमीन खसरा नंबर 112 का इस्तेमाल कर नदी में कोपरा डाला गया है। इससे प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित हो रहा है। नदी किनारे लगे हरे पेड़ों को भी जेसीबी से उखाडऩे का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने रशीद खां और उनके बेटों पर नदी में भराव कर अवैध रास्ता बनाने का आरोप लगाया है। साथ ही ग्राम पंचायत समसगढ़ के पत्र क्रमांक 484/2026, दिनांक 20 मई 2026 की भी जांच की मांग की है। शिकायत में अधिवक्ता मुकेश द्विवेदी द्वारा 12 मई 2026 को जारी जाहिर सूचना का हवाला देते हुए खसरा नंबर 104 और 105 की कुल 1.85 हेक्टेयर जमीन के क्रय-विक्रय अनुबंध की जांच की मांग की गई है। राशिद नूर खान ने कहा कि केरवा डैम भोपाल के प्रमुख पेयजल स्रोतों में शामिल है। इसके कैचमेंट क्षेत्र में अवैध भराव और अतिक्रमण से जल स्रोत को नुकसान पहुंच सकता है। शिकायत में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (हृत्रञ्ज) के 4 फरवरी 2026 के आदेश का हवाला दिया गया है। इसमें कैचमेंट एरिया, एफटीएल सीमा और 33 मीटर बफर जोन के संरक्षण से जुड़े निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

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