तीसरे दिन भी जारी रही हड़ताल, अटल भवन पर कर्मचारियों ने की नारेबाजी शहर की गलियां और प्रमुख बाजारों की सडक़ें कचरे पटी

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ुरुवार से जलकार्य सहित अन्य शाखाओं के कर्मचारी भी हड़ताल की समर्थन में उतरे
आज से शहर में जलसंकट की निर्मित होगी स्थिति, कर्मचारियों सप्लाई के लिए किया मना
निगम के कर्मचारी फैला रहे हैं शहर की सडक़ों पर कचररा

भोपाल, 5 नवंबर. रातधानी में नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए पूरी तरह से अनिश्चितकालील हड़ताल पर हैं. यह हड़ताल मंगलवार से प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद के 25 व 29, विनियमित, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा की जा रही है. वहीं गुरुवार से सफाई कर्मचारियेां की हड़ताल में निगम के कम्प्यूटर ऑपरेटर, लिपिक, जलप्रदाय, अग्निशमन, भवन अनुज्ञा, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी, उद्यान और योजना प्रकोष्ठ के कर्मचारी शामिल हो गए. जहां बुधवार तक प्रदेश के लगभग 1 लाख कर्मचारी शामिल हुए थे. वहीं अब यह संख्या बढक़र 1.48 हजार हो गई है. भोपाल नगर निगम में जहंा सफाई कर्मचारियों की संख्या लगभग 7 हजार थी वहीं अन्य शाखाओं के कर्मचारियों का समर्थन मिलने से अब यह संख्या लगभग 1 लाख 48 हजार हो गई है. यह हड़ताल उस समय की जा रही है. सबसे बड़ा त्यौहार दीवाली नजदीक है. गुरुवार को कर्मचारीयों ने अटल भवन पर जमकर नारेबाजी की और कर्मचारी नेता अशोक वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को सुबह आठ बजे नगर निगम मुख्यालय अटल भवन मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया जाएगा. जो अंदर है वह अंदर रहेगा और जो बाहर है वह बाहर रहेगा.
-दिवाली पर घरों की हुई सफाई कचरा सडक़ों गलियों में
नगर निगम के सफाई कर्मियों ने हड़ताल एैसे समय में की है जब हिन्दु़ धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली नजदीक है. इस त्यौहार पर घरों, दुकानों और ऑफिसों की सफाई की जाती है. इस दौरान शहर में भारी मात्रा में कचरा निगलता है. वैसे प्रतिदिन करीब 850 टन कचरा निकलता है, जो इस समय दोगुना हो जाता है. एैसे में तीन दिन से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं. तो हजारों टन कचरा शहर में गलियों और सडक़ो पर दिखाई दे रहा है.
-आज से पानी की सप्लाई बंद
तीन दिन से सफाई कर्मचारियेां की हड़ताल जारी है. उनके समर्थन में जलकार्य बिजली शाखा के कर्मचारी आ गये हैं. जिससे अब सफाई से लेकर जलप्रदाय और बिजली व्यवस्था तक प्रभावित होने लगी है। अब कर्मचारियों ने शुक्रवार से पानी की सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है। इससे राजधानी के 2.30 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन वाले घरों पर पेयजल संकट का खतरा मंडराने लगा है।
-400 से ज्यादा वाहन 850 टन कचरा ढोते हैं
हड़ताल से शहर के सभी 85 वार्डों और 21 जोन में सफाई व्यवस्था प्रभावित है। घरों से कचरा उठाने वाली 400 से ज्यादा गाडिय़ां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। शहर का पूरा कचरा 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा जमा होता है, जहां से कैप्सूल टैंकरों के जरिए आदमपुर छावनी भेजा जाता है। हड़ताल के कारण बचरा वाहन बंद हैं. जिससे कचरा उठान और डंप करने की व्यवस्था बिगड़ गई है। शहर के लिंक रोड नंबर-1, पांच नंबर स्टॉप, सात नंबर चौराहे, एमपी नगर एसडीएम कार्यालय, शिवाजी नगर और तुलसी नगर, बैरागढ़, भेल कोलार रोड की कालोनिया, होशंगाबाद की कालोनियों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं। चूना भट्टी सहित अन्य इलाकों में अब जनता कचरे में आग लगा रहीे हैं। इससे धुआं और प्रदूषण भी बढ़ रहा है। न्यू मार्केट सहित कुछ बाजारों में व्यापारियों ने सामाजिक संस्थाओ स्वसहायता समूहों से सफाई के लिए मदद ली जा रही है।
-एसीएस से बैठक बेनतीजा, मांगें मानने से इनकार
हड़ताल खत्म कराने के लिए कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे से मुलाकात की, लेकिन बातचीत में कोई समाधान नहीं निकला। कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, बैठक में उनकी मांगें मानने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया।
-25 हजार न्यूनतम वेतन और नियमितीकरण की मांग
कर्मचारी न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये करने, नियमितीकरण, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

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