एम्स भोपाल में बाल कैंसर मरीजों की देखभाल करने वाली नर्सों का सम्मान

पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्स दिवस पर विशेषज्ञों ने समर्पण और सेवाओं को सराहा

भोपाल। सितंबर को बाल कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत एम्स भोपाल में बाल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शिशु रोग विभाग ने इंटरनेशनल पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्स दिवस मनाया।

कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर से जूझ रहे बच्चों की देखभाल में नर्सों की भूमिका और उनके समर्पण को सम्मान देना था। विशेषज्ञों ने कहा कि बाल कैंसर का इलाज लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया है। इस दौरान बच्चों की नियमित देखभाल, उपचार के दौरान निगरानी और परिवार को सहयोग देने में नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

बेहतर इलाज के लिए लगातार सीखने पर जोर

शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शिखा मलिक ने पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी में कार्यरत नर्सों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए नर्सिंग स्टाफ को लगातार नई जानकारी और तकनीकों को सीखते रहना चाहिए। उन्होंने सभी को उपचार की गुणवत्ता बनाए रखने और मरीजों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

विभाग के फैकल्टी सदस्यों और सहयोगी स्टाफ ने भी नर्सों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें मरीज देखभाल टीम की रीढ़ बताया। पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजिस्ट एवं ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र चौधरी ने बाल कैंसर मरीजों की देखभाल में नर्सों की भूमिका के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ से अपनी पूरी क्षमता के साथ देखभाल की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने का आग्रह किया।

एम्स भोपाल की ओर से सितंबर महीने में बाल कैंसर से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत इस तरह की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, ताकि बच्चों और उनके परिवारों को बीमारी, उपचार और देखभाल से संबंधित जानकारी मिल सके।

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