आंचलिक विज्ञान केंद्र में ‘युवा विज्ञान संवाद’, 200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग

खानपान और जीन के संबंधों पर विशेषज्ञ ने दी जानकारी, संतुलित आहार और स्वास्थ्य का महत्व समझाया
भोपाल, 28 अक्टूबर। आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), भोपाल के सहयोग से ‘युवा विज्ञान संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 200 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें विज्ञान, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में IISER भोपाल के प्रभारी निदेशक और जैविक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर रघुवीर सिंह तोमर ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने ‘भोजन और जीन का संबंध: खानपान जीन की कार्यप्रणाली को कैसे प्रभावित करता है’ विषय पर जानकारी दी।
प्रो. तोमर ने बताया कि भोजन में मौजूद पोषक तत्व जीन की अभिव्यक्ति और कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने संतुलित आहार, खानपान की आदतों और मानव स्वास्थ्य के बीच संबंध को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया। साथ ही उपवास के पीछे के विज्ञान और भारतीय परंपरा में सात्त्विक, राजसिक तथा तामसिक भोजन की अवधारणाओं पर भी प्रकाश डाला।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भोजन, पोषण, जीन तथा स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछे। प्रो. तोमर ने उनके सवालों के सरल और वैज्ञानिक तरीके से जवाब दिए।
‘युवा विज्ञान संवाद’ श्रृंखला का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाना है। इसके माध्यम से युवाओं को भविष्य में वैज्ञानिक, शोधकर्ता और नवप्रवर्तक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।





