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PM श्री एयर एंबुलेंस पर जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, बोले- 35 करोड़ खर्च के बाद भी 30 जिलों में नहीं मिला लाभ

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने दावा किया कि मई 2024 में शुरू हुई इस सेवा पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद प्रदेश के 30 जिलों में एक भी मरीज को इसका लाभ नहीं मिला।

पटवारी ने कहा कि सरकार ने गंभीर मरीजों, दुर्घटना में घायल लोगों और जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की थी। लेकिन यदि दो साल से अधिक समय में बड़ी संख्या में जिलों के मरीज इसका लाभ नहीं उठा पाए हैं, तो सरकार को योजना के संचालन और उसकी पहुंच को लेकर जवाब देना चाहिए।

35 करोड़ खर्च, 159 मरीजों को लाभ मिलने का दावा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि दो वर्षों में 159 मरीजों ने पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा का लाभ लिया। इनमें अकेले रीवा जिले के 56 मरीज बताए जा रहे हैं। पटवारी ने सवाल उठाया कि यदि सेवा पूरे प्रदेश के लिए है तो इसका लाभ सभी जिलों में समान रूप से क्यों नहीं पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार एयर एंबुलेंस के लिए निर्धारित घंटों का भुगतान कर रही है, लेकिन जरूरतमंद मरीजों तक सुविधा नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक कितनी राशि का भुगतान किया गया और एयर एंबुलेंस का वास्तविक उपयोग कितनी बार हुआ।

सरकार से मांगा खर्च और उपयोग का पूरा हिसाब

पटवारी ने सरकार से एयर एंबुलेंस सेवा का पूरा वित्तीय और प्रशासनिक विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि सेवा के लिए किस एजेंसी या कंपनी को भुगतान किया जा रहा है, भुगतान की शर्तें क्या हैं, प्रति घंटे कितना भुगतान होता है और अब तक कुल कितने घंटे सेवा का इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिला स्तर पर मरीजों और अस्पतालों को इस सुविधा की जानकारी देने के लिए क्या व्यवस्था है। साथ ही मरीजों को एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और स्वास्थ्य विभाग तथा अस्पतालों के बीच समन्वय की स्थिति भी स्पष्ट करने की मांग की।

‘योजना का प्रचार नहीं, मरीजों तक सुविधा पहुंचाना जरूरी’

पटवारी ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता का आकलन विज्ञापनों या सरकारी दावों से नहीं, बल्कि मरीजों को जमीन पर मिल रही सुविधाओं से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में मरीज के लिए हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में एयर एंबुलेंस जैसी सुविधा समय पर उपलब्ध होना जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

उन्होंने सरकार से योजना की उपयोगिता और प्रभाव का स्वतंत्र मूल्यांकन कराने की मांग भी की।

पटवारी के सरकार से प्रमुख सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से पूछा कि करीब 35 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद 30 जिलों में मरीजों को सेवा का लाभ क्यों नहीं मिला?
– एयर एंबुलेंस के लिए अब तक कितने घंटे का भुगतान किया गया?
– वास्तव में कितने घंटे एयर एंबुलेंस संचालित हुई?
– दो वर्षों में केवल 159 मरीजों तक सेवा सीमित रहने की वजह क्या है?
– रीवा में 56 मरीजों को लाभ मिलने के मुकाबले अन्य जिलों में संख्या इतनी कम क्यों है?
– सभी जिलों में इस योजना की जानकारी और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था है?
– योजना पर हुए खर्च और वास्तविक उपयोग का पूरा विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
– क्या सरकार ने योजना की उपयोगिता का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया है?

पटवारी ने कहा कि जनता के टैक्स से खर्च होने वाली राशि और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने सरकार से योजना के खर्च, उपयोग और लाभार्थियों से संबंधित पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता को केवल घोषणाएं और प्रचार नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं चाहिए। कांग्रेस पार्टी जनता के पैसे और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगती रहेगी।

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