आदिवासी अधिकारों को लेकर जीतू पटवारी का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- कांग्रेस सरकार बनने पर होगी भूमि सौदों की जांच

आदिवासी जमीन, जंगल और अधिकारों की रक्षा का कांग्रेस ने किया संकल्प : पटवारी

भोपाल, 19 जून 2026। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने आदिवासी समाज के अधिकारों, जमीन, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों का लगातार उल्लंघन हो रहा है।

पत्रकार वार्ता में पटवारी ने कहा कि आदिवासी समाज केवल जंगलों में रहने वाला वर्ग नहीं है, बल्कि वह देश के मूल निवासियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी अपनी संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक पहचान है। उन्होंने राष्ट्रपति के मध्यप्रदेश दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की पहचान और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।

आदिवासी भूमि हस्तांतरण पर उठाए सवाल

जीतू पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश में आदिवासी जमीनों के हस्तांतरण से जुड़े गंभीर मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार आदिवासी भूमि गैर-आदिवासियों को हस्तांतरित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति आवश्यक है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में भूमि हस्तांतरण हुए हैं।

उन्होंने विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में प्रदेश में लगभग 1 लाख 26 हजार हेक्टेयर से अधिक आदिवासी भूमि का हस्तांतरण हुआ है।

पटवारी ने कहा कि वर्ष 2028 में कांग्रेस की सरकार बनने पर आदिवासी भूमि से जुड़े सभी सौदों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जहां भी अनियमितता, धोखाधड़ी या नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और पात्र मामलों में जमीन वापस दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

खनन और विस्थापन को लेकर सरकार पर आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि खनन परियोजनाओं और बड़ी कंपनियों के लिए आदिवासी क्षेत्रों में विस्थापन की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के नाम पर आदिवासियों की पारंपरिक भूमि और संसाधनों पर असर पड़ा है।

उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग करते हुए कहा कि आदिवासी समुदायों को उनके वैधानिक अधिकार मिलना चाहिए।

शिक्षा और रोजगार के मुद्दे उठाए

पटवारी ने आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक गुणवत्तापूर्ण और निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।

उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैकलॉग पदों को भरने की मांग भी उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में आरक्षित पद लंबे समय से खाली हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

महिला सुरक्षा और अपराधों पर सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता ने आदिवासी महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आदिवासी महिलाओं से जुड़े अपराधों की स्थिति गंभीर है और सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

तबादलों को लेकर भी लगाए आरोप

जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार पर तबादला नीति को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है और तबादलों को लेकर उठ रहे सवालों की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने हाल के पटवारी तबादलों का उल्लेख करते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।

कांग्रेस का संकल्प- आदिवासी अधिकारों की रक्षा

पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस सरकार बनने पर आदिवासी भूमि, विस्थापन, वन अधिकार, बैकलॉग भर्ती, महिला सुरक्षा और अन्य मामलों की जांच कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि आदिवासी अधिकारों की रक्षा सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा विषय है और कांग्रेस इसे मजबूती से उठाती रहेगी।

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