MP Weather: मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर तेज हो गया है। प्रदेश में सक्रिय मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज यानी 11 अगस्त 2026 को 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

इन 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में आज कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

इन जिलों के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मानसून एक्टिविटी बनी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

भोपाल में तेज बारिश, 24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश

राजधानी भोपाल में पिछले दिनों हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 घंटे में भोपाल में करीब 7 इंच तक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और प्रशासन को भी राहत एवं बचाव की तैयारियां करनी पड़ीं।

हालिया बारिश से भोपाल के मानसूनी आंकड़ों में भी तेजी से बदलाव आया है। रिपोर्ट के अनुसार 9 अगस्त को बारिश की कमी से जूझ रहा भोपाल अगले दिन 11 प्रतिशत सरप्लस की स्थिति में पहुंच गया।

प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा

मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।

बारिश के चलते नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

14 अगस्त तक सक्रिय रह सकता है मानसून

मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के मुताबिक मध्य प्रदेश में 14 अगस्त तक मानसून गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता में बदलाव देखने को मिल सकता है।

किसानों के लिए भी अहम बारिश

मानसून की यह बारिश खेती के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि जहां लगातार तेज बारिश हो रही है, वहां खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान का खतरा भी हो सकता है। किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की एडवाइजरी के अनुसार ही जरूरी कदम उठाने की सलाह दी जाती है।

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