भाजपा राज में मध्य प्रदेश पढ़ाई चौपट करने में टॉपर: जीतू पटवारी

सरकारी स्कूल बंद करने में देश में सबसे आगे MP, दलित-आदिवासी और कमजोर वर्ग के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में मध्य प्रदेश पढ़ाई चौपट करने में टॉपर बन गया है। सरकारी स्कूलों को बंद या मर्ज करने के मामले में मध्य प्रदेश देश में सबसे आगे है।

पटवारी ने दावा किया कि वर्ष 2025-26 में देशभर में 4,791 सरकारी स्कूल बंद या दूसरे स्कूलों में मर्ज किए गए। इनमें अकेले मध्य प्रदेश के 2,426 स्कूल शामिल हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, यह संख्या देश में बंद या मर्ज किए गए कुल स्कूलों की आधे से अधिक है।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश के शिक्षा बजट में करीब 9,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों का बंद या मर्ज होना सरकार की शिक्षा नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पटवारी ने कहा कि सरकार स्कूल बंद करने के लिए कम छात्र संख्या का तर्क देती है। लेकिन यदि सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और पढ़ाई का उचित माहौल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, तो अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने के लिए मजबूर होंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों को पहले कमजोर करना और बाद में कम छात्र संख्या का हवाला देकर उन्हें बंद करना सरकारी शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में उठाया गया कदम है। इसका सबसे ज्यादा असर दलित, आदिवासी, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों पर पड़ेगा।

पटवारी ने सरकार से बंद और मर्ज किए गए स्कूलों की समीक्षा करने, सरकारी स्कूलों की संख्या बढ़ाने तथा पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की भर्ती करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्कूल बंद करना नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों को इतना बेहतर बनाना होना चाहिए कि बच्चे और अभिभावक निजी स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों को प्राथमिकता दें।

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