नोएडा: वृद्धाश्रम में बुजुर्गों पर अमानवीय अत्याचार, कपड़े से बांधकर बंद किया गया, तहखाने में कैद मिले पुरुष – 40 बुजुर्ग रेस्क्यू, आनंद निकेतन आश्रम सील

नोएडा । उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-55 स्थित एक वृद्धाश्रम से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ‘आनंद निकेतन वृद्ध सेवा आश्रम’ नाम की संस्था में रह रहे बुजुर्गों के साथ अत्याचार और अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था। राज्य महिला आयोग, समाज कल्याण विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में इस पूरे काले सच का पर्दाफाश हुआ।
कैसे हुआ खुलासा?
सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ समय से इस वृद्धाश्रम को लेकर अज्ञात शिकायतें और सोशल मीडिया पर वीडियोज सामने आ रहे थे। इन शिकायतों के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुश्री सीमा द्विवेदी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें नोएडा पुलिस, समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन को शामिल किया गया।
छापेमारी के दौरान जो हुआ, उसने सबको झकझोर दिया:
एक बुजुर्ग महिला को कमरे में कपड़े से बांधकर बंद किया गया था। कई पुरुषों को तहखाने जैसे अंधेरे कमरों में ताले लगाकर कैद किया गया था। अधिकांश बुजुर्गों के पास साफ कपड़े, बिस्तर और पीने के पानी तक की सुविधा नहीं थी। कई बुजुर्गों की हालत भोजन और दवाइयों की कमी के कारण नाजुक बनी हुई थी। कुछ बुजुर्ग मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में भी पाए गए जिन्हें उचित देखभाल की जरूरत थी।
40 बुजुर्गों को किया गया रेस्क्यू
संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वृद्धाश्रम से 40 बुजुर्गों को रेस्क्यू किया। इन्हें अब नोएडा के अन्य सुरक्षित आश्रय स्थलों और सरकारी केंद्रों में अस्थायी रूप से रखा गया है। मेडिकल जांच और मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है।
आश्रम सील, संचालकों पर FIR दर्ज
‘आनंद निकेतन वृद्ध सेवा आश्रम’ को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। आश्रम के संचालकों और प्रबंधन समिति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। प्रशासन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि आश्रम न लाइसेंसशुदा तरीके से चलाया जा रहा था और वहां न तो चिकित्सकीय सुविधा थी और न ही स्टाफ प्रशिक्षित था।
राज्य महिला आयोग की सख्त टिप्पणी
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सीमा द्विवेदी ने इस घटना को “बुजुर्गों के खिलाफ सामाजिक अपराध” करार देते हुए कहा कि “यह सिर्फ एक लापरवाही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवता की हत्या है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) भी लगाया जाएगा।”
प्रशासन ने की जनता से अपील
प्रशासन और महिला आयोग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को भी किसी वृद्धाश्रम, बाल गृह या आश्रय स्थल में शोषण या अनियमितता की जानकारी हो, तो तुरंत प्रशासन से संपर्क करें।
निष्कर्ष: नोएडा का यह मामला केवल एक वृद्धाश्रम की दुर्दशा नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़ा करता है। जिन बुजुर्गों ने अपना जीवन समाज को समर्पित किया, उनका इस प्रकार कसूरवारों की कैद में अमानवीय जीवन जीना शर्मनाक है। यह समय है कि सरकार प्राइवेट और NGO संचालित सभी आश्रयगृहों की कड़ाई से जांच कराए और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र बनाए।





