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भोपाल रेल मंडल में चेन पुलिंग पर सख्ती, चार माह में 1746 लोगों पर कार्रवाई

भोपाल । पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल ने ट्रेनों में अनावश्यक चेन पुलिंग की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सख्त अभियान चलाया है। वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में रेलवे सुरक्षा बल ने बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचने वाले 1746 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।

रेल प्रशासन के अनुसार जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच दर्ज मामलों में न्यायालय के माध्यम से करीब 3.5 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। अधिकारियों का कहना है कि अनावश्यक चेन पुलिंग से न केवल ट्रेन संचालन प्रभावित होता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।

रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध

पंकज त्यागी के मार्गदर्शन एवं डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल लगातार ट्रेनों और स्टेशनों पर निगरानी बढ़ा रहा है।

रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत बिना उचित और पर्याप्त कारण के चेन पुलिंग करना अपराध है। दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक का कारावास, एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।

चार माह में इतने मामले आए सामने

रेलवे के अनुसार जनवरी 2026 में 495 मामले दर्ज किए गए, जिनसे लगभग 1.10 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। फरवरी में 391 मामलों में 85 हजार रुपये, मार्च में 420 मामलों में 87 हजार रुपये से अधिक और अप्रैल में 440 मामलों में करीब 66 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।

ट्रेन संचालन और यात्रियों पर पड़ता है असर

रेल प्रशासन ने बताया कि अनावश्यक चेन पुलिंग के कारण ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था प्रभावित होती है, अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और रेलवे को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

सौरभ कटारिया ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि बिना किसी आपात स्थिति के अलार्म चेन का उपयोग न करें और रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करें।

लगातार चलाया जा रहा चेकिंग अभियान

रेलवे के वाणिज्य विभाग और रेलवे सुरक्षा बल द्वारा मंडल के विभिन्न स्टेशनों एवं ट्रेनों में लगातार सघन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी चेन पुलिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

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