60 यूनिट रक्त संग्रहित, नियमित रक्तदाताओं और एसडीपी दाताओं का किया गया सम्मान
भोपाल। जीवन बचाने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान की महत्ता को रेखांकित करते हुए एम्स भोपाल में विश्व रक्तदाता दिवस 2026 के अवसर पर विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। एम्स भोपाल के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन एवं ब्लड बैंक विभाग द्वारा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और कैनकिड्स एनजीओ के सहयोग से आयोजित इस शिविर में 60 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
यह आयोजन समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अस्पतालों में सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
रक्तदान को बनाया जनभागीदारी का अभियान
यह कार्यक्रम एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर के संरक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन एवं ब्लड बैंक विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (मेजर) मयंक दीक्षित और आईटीबीपी की डॉ. दुर्गा भवानी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. आकांक्षा ने स्वागत भाषण देते हुए विश्व रक्तदाता दिवस के महत्व और स्वास्थ्य सेवाओं में स्वैच्छिक रक्तदान की भूमिका पर प्रकाश डाला।
रक्तदान सिर्फ दान नहीं, जीवन बचाने का माध्यम
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि रक्त का कृत्रिम निर्माण संभव नहीं है। गंभीर दुर्घटनाओं, सर्जरी, कैंसर, रक्त विकार, डेंगू और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए नियमित रक्तदान ही जीवनरक्षक विकल्प है।
प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता ने कहा कि सुरक्षित और पर्याप्त रक्त की उपलब्धता तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब समाज के अधिक से अधिक लोग नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं। उन्होंने विभागीय टीम, रेजिडेंट डॉक्टरों, कर्मचारियों और समुदाय के सहयोग की सराहना की।
कैनकिड्स के बच्चों ने रक्तदाताओं को दिए धन्यवाद कार्ड
कार्यक्रम का भावनात्मक पक्ष तब देखने को मिला, जब कैनकिड्स एनजीओ से जुड़े बच्चों ने रक्तदाताओं को अपने हाथों से बनाए गए धन्यवाद कार्ड भेंट किए।
बच्चों की इस पहल ने यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों के लिए जीवन की नई उम्मीद है।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से बढ़ाई जागरूकता
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर एम्स भोपाल में पोस्टर निर्माण और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस दौरान नियमित रक्तदाताओं, सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (SDP) दाताओं और रक्तदान शिविर आयोजित करने वाले संस्थानों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
विशेष रूप से एसडीपी दाताओं के योगदान की सराहना की गई, क्योंकि प्लेटलेट दान रक्त विकारों, कैंसर, डेंगू और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागियों को प्रशंसा प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
रक्तदान की शपथ लेकर लिया सेवा का संकल्प
सम्मान समारोह के बाद डॉ. रोमेश जैन के मार्गदर्शन में डॉ. विक्रांत शर्मा द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शपथ समारोह आयोजित किया गया।
इसमें संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, रक्तदाताओं और अन्य प्रतिभागियों ने नियमित रक्तदान को बढ़ावा देने तथा समाज के अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
आईटीबीपी, विद्यार्थियों और एम्स कर्मचारियों ने निभाई अहम भूमिका
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस रक्तदान शिविर में आईटीबीपी कर्मियों, महाविद्यालयीन विद्यार्थियों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों और एम्स भोपाल के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कुल 60 स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने रक्तदान कर मानव सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। सभी रक्तदाताओं को उनके योगदान के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
एम्स भोपाल की प्रतिबद्धता जारी
कार्यक्रम के समापन पर ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन एवं ब्लड बैंक विभाग ने सभी रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों, सहयोगी संस्थाओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
एम्स भोपाल ने भविष्य में भी रक्तदान जागरूकता अभियान, दाता सहभागिता कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के जीवन में नई आशा ला सकता है और स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के वास्तविक जीवनदाता हैं।
