नशा मुक्त भारत अभियान को नई गति देगा एम्स भोपाल, जागरूकता से उपचार तक चलेगा विशेष अभियान

17 से 26 जून तक आयोजित होगा नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026, समुदाय, पुलिस और युवाओं को जोड़ने की पहल

भोपाल, 19 जून 2026। नशे की समस्या से निपटने और समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एम्स भोपाल में “नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026” का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 17 जून से 26 जून 2026 तक चलने वाले इस अभियान की थीम “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” रखी गई है।

अभियान के तहत एम्स भोपाल का मनोचिकित्सा विभाग गैर-सरकारी संस्थाओं आवाज और यंगशाला के सहयोग से जनजागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, प्रशिक्षण सत्र और सामुदायिक संवाद आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करना तथा नशा मुक्ति के लिए उपलब्ध उपचार सुविधाओं की जानकारी पहुंचाना है।

विद्यार्थियों और समुदाय के बीच चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम

एम्स भोपाल के मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विजेंद्र सिंह ने बताया कि सप्ताहभर चलने वाले अभियान में विद्यार्थियों द्वारा नशे के विरुद्ध सामूहिक शपथ, स्वास्थ्य जांच शिविर और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में समय पर पहचान, परामर्श और उपचार की जानकारी लोगों तक पहुंचाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

बरखेड़ा पठानी और अमराई क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर

अभियान के अंतर्गत भोपाल के बरखेड़ा पठानी और अमराई क्षेत्र में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इन शिविरों में लोगों को नशे से जुड़ी समस्याओं की पहचान, बचाव के उपाय, उपचार प्रक्रिया और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही नशा उपचार लेने में आने वाली सामाजिक झिझक और कलंक को कम करने के लिए संवाद भी किया जाएगा।

पुलिस कर्मियों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण

नशे से जुड़ी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अभियान के दौरान देशभर के पुलिस कर्मियों के लिए राष्ट्रीय स्तर का वेबिनार आयोजित किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एम्स भोपाल के मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तमोनुद मोदक मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर नशे की समस्या, इसके सामाजिक प्रभाव और इससे निपटने की रणनीतियों पर मार्गदर्शन देंगे।

इसके अलावा बागसेवनिया पुलिस थाना के पुलिस कर्मियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया जाएगा, जिससे वे नशा संबंधी मामलों को बेहतर तरीके से समझकर प्रभावित लोगों को उचित सहायता उपलब्ध करा सकें।

योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली का संदेश

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग एवं समग्र स्वास्थ्य पर आधारित विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में नशा मुक्ति की प्रक्रिया में योग, मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली की भूमिका पर जानकारी दी जाएगी।

30 जून को होगी बहु-क्षेत्रीय पैनल चर्चा

अभियान के समापन के बाद 30 जून 2026 को “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी।

इसमें मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी, मध्यप्रदेश पुलिस के प्रतिनिधि, न्यायपालिका से जुड़े विशेषज्ञ और एम्स भोपाल के मनोचिकित्सक शामिल होंगे। चर्चा में नशा उपचार सेवाओं को मजबूत करने, संस्थागत सहयोग बढ़ाने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयासों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

नशामुक्त समाज के लिए एम्स भोपाल की पहल

एम्स भोपाल लगातार मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति के क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। संस्थान का यह अभियान उपचार, प्रशिक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से नशे की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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