डॉ. आरती सिन्हा ने कराया विशेष वेलनेस सेशन, प्रतिभागियों ने ध्वनि, ध्यान और गाइडेड इमेजरी का अनुभव लिया
भोपाल। एएफएस इंटरकल्चरल प्रोग्राम्स इंडिया की सेंट्रल जोन रीजनल मीट 2026-27 का आयोजन दिल्ली पब्लिक स्कूल, कोलार में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और समग्र कल्याण पर केंद्रित विशेष वेलनेस सत्र आयोजित किया गया।
इस सत्र के लिए डिस्टिंग्विश्ड वेलनेस रिसोर्स पर्सन डॉ. आरती सिन्हा को आमंत्रित किया गया था। डीपीएस कोलार की प्रिंसिपल डॉ. मुक्ता शर्मा ने उनका स्वागत किया। एएफएस इंटेलेक्चुअल प्रोग्राम इंडिया की नेशनल डायरेक्टर दिया बैजेल सहित विद्यालय का स्टाफ भी सत्र में मौजूद रहा।
साउंड हीलिंग और चक्र मेडिटेशन का कराया अभ्यास
डॉ. आरती सिन्हा ने प्रतिभागियों के लिए साउंड हीलिंग, चक्र मेडिटेशन और गाइडेड इमेजरी पर आधारित विशेष सत्र कराया। इसमें सिंगिंग बाउल, रेनस्टिक, ओशन ड्रम, क्रिस्टल बाउल और विभिन्न फ्रीक्वेंसी के हिमालयन सिंगिंग बाउल का उपयोग किया गया।
ध्वनि और कंपन के बीच प्रतिभागियों को निर्देशित ध्यान कराया गया। गाइडेड इमेजरी के माध्यम से उन्हें मानसिक एकाग्रता और गहरी विश्रांति का अनुभव कराने का प्रयास किया गया। प्रतिभागियों ने शांत वातावरण में आंखें बंद कर ध्यान का अभ्यास किया और साउंड हीलिंग की विभिन्न तकनीकों को अनुभव किया।
डॉ. सिन्हा ने कहा कि तेज रफ्तार जीवनशैली में मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और स्वयं से जुड़ना जरूरी है। उनके अनुसार ध्वनि, श्वास और ध्यान जैसी तकनीकें व्यक्ति को अपने विचारों पर ध्यान केंद्रित करने और विश्रांति का अनुभव करने में मदद कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि ध्यान केवल आंखें बंद करके बैठना नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर ध्यान केंद्रित करने की प्रक्रिया है।
प्रतिभागियों ने बताया उपयोगी अनुभव
सत्र में हिमालयन सिंगिंग बाउल और क्रिस्टल बाउल की ध्वनियों के साथ रेनस्टिक और ओशन ड्रम की प्राकृतिक ध्वनियों का उपयोग किया गया। गाइडेड इमेजरी के जरिए प्रतिभागियों को सकारात्मक कल्पनाओं और मानसिक विश्रांति का अभ्यास कराया गया।
सत्र के बाद प्रतिभागियों ने इसे शांतिपूर्ण और उपयोगी अनुभव बताया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को तनावपूर्ण दिनचर्या के बीच मानसिक विश्रांति और आत्मचिंतन के लिए सरल तकनीकों से परिचित कराना था।
डॉ. आरती सिन्हा ने बताया कि आरती सिन्हा ट्रस्ट के माध्यम से भी साउंड हीलिंग, ध्यान, मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण और समग्र स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उनका उद्देश्य लोगों को ऐसी तकनीकों से जोड़ना है, जिन्हें वे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल कर सकें।
AFS इंटरकल्चरल प्रोग्राम्स इंडिया की रीजनल मीट में आयोजित यह साउंड हीलिंग और चक्र मेडिटेशन सत्र कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में रहा। प्रतिभागियों ने ध्वनि, ध्यान और गाइडेड इमेजरी के माध्यम से विश्रांति का अनुभव लिया।
