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12वीं के बाद करियर चुनने की उलझन के बीच भोपाल में होगा बड़ा इंडस्ट्री बूट कैंप, AI से लेकर एनीमेशन तक पर मिलेगा सीधा मार्गदर्शन

भोपाल में 12वीं के बाद करियर चयन को लेकर बढ़ती असमंजस और बदलती रोजगार जरूरतों के बीच Scope Global Skills University ने “कैरियरनेक्स्ट – करियर डिस्कवरी इंडस्ट्री बूट कैंप” आयोजित करने की घोषणा की है। 30 और 31 मई 2026 को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम पारंपरिक करियर काउंसलिंग से अलग, सीधे उद्योग जगत और विद्यार्थियों के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम का आयोजन JW Marriott Hotel Bhopal में किया जाएगा, जहां टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनीमेशन, मैनेजमेंट, हॉस्पिटैलिटी, फैशन और डिजाइन जैसे तेजी से बदलते क्षेत्रों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

क्यों बढ़ रही है करियर गाइडेंस की जरूरत?

भारत में 12वीं के बाद करियर चुनना अब केवल “साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स” तक सीमित नहीं रह गया है। AI, डेटा साइंस, डिजिटल कंटेंट, गेमिंग, डिजाइन, स्किल-आधारित टेक्निकल जॉब्स और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज के विस्तार ने करियर विकल्पों की संख्या बढ़ा दी है।

लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि विकल्प बढ़ने के साथ भ्रम भी बढ़ा है।

आज बड़ी संख्या में विद्यार्थी—

सोशल मीडिया ट्रेंड देखकर करियर चुनते हैं

कोर्स और नौकरी के वास्तविक संबंध को नहीं समझ पाते

इंडस्ट्री डिमांड और पारंपरिक डिग्री के अंतर से अनजान रहते हैं

स्किल आधारित रोजगार मॉडल के लिए तैयार नहीं होते


इसी वजह से करियर गाइडेंस कार्यक्रमों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

केवल मोटिवेशन नहीं, इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों पर फोकस

इस कार्यक्रम में 19 से अधिक इंडस्ट्री सेक्टर्स से विशेषज्ञ शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार Google, IBM, Hyundai Motor Company, L&T Infotech और अन्य संस्थानों से जुड़े प्रोफेशनल विद्यार्थियों को मौजूदा रोजगार बाजार की जरूरतों के बारे में बताएंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार अब कंपनियां केवल डिग्री नहीं, बल्कि—

समस्या समाधान क्षमता

डिजिटल स्किल्स

कम्युनिकेशन

प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

इंटर्नशिप अनुभव
को अधिक महत्व दे रही हैं।


यानी आने वाले समय में “एम्प्लॉयबिलिटी” केवल अकादमिक अंक से तय नहीं होगी।

AI और ऑटोमेशन ने बदली करियर की परिभाषा

कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि AI ने नौकरी बाजार की संरचना को तेजी से बदलना शुरू कर दिया है।

करियर विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में—

कई पारंपरिक नौकरियां ऑटोमेट होंगी

हाइब्रिड स्किल्स की मांग बढ़ेगी

टेक + क्रिएटिविटी वाले प्रोफाइल अधिक मूल्यवान बनेंगे

माइक्रो-स्किलिंग और शॉर्ट-टर्म इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन बढ़ेंगे


इस बदलाव के कारण विद्यार्थियों के लिए “भविष्य सुरक्षित करियर” चुनना अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।

उज्ज्वल पाटनी का सेशन क्यों रहेगा आकर्षण?

कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर Ujjwal Patni का की-नोट सेशन भी आयोजित होगा। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि आज के विद्यार्थियों को केवल प्रेरक भाषण नहीं, बल्कि “डेटा आधारित करियर स्पष्टता” की अधिक आवश्यकता है।

इसी कारण अब बड़े करियर आयोजनों में—

साइकोमेट्रिक असेसमेंट

स्किल मैपिंग

इंडस्ट्री इंटरैक्शन

लाइव करियर रोडमैप
जैसे तत्व जोड़े जा रहे हैं।


छोटे शहरों में बदल रहा करियर इकोसिस्टम

भोपाल जैसे शहरों में इस तरह के आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अब करियर अवसर केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहे। रिमोट वर्क, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन स्किलिंग ने छोटे शहरों के विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय और वैश्विक अवसरों से जोड़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दशक में टियर-2 शहर भारत के स्किल और स्टार्टअप इकोसिस्टम का बड़ा केंद्र बन सकते हैं।

करियर मेले का नया मॉडल: एडमिशन नहीं, ‘करियर इंटेलिजेंस’

इस आयोजन में साइकोमेट्रिक करियर असेसमेंट, इंटर्नशिप गाइडेंस, स्कॉलरशिप सहायता और इंडस्ट्री एक्सपीरियंस बूथ जैसे फीचर्स शामिल किए गए हैं। यह संकेत देता है कि विश्वविद्यालय अब केवल प्रवेश प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि “करियर इकोसिस्टम पार्टनर” की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं।

डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें स्पष्ट करियर दृष्टि प्रदान करना है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन?

भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है, लेकिन साथ ही “स्किल गैप” भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। विभिन्न रोजगार रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में स्नातक डिग्रीधारी युवा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार नहीं माने जाते।

ऐसे में यदि शैक्षणिक संस्थान, उद्योग और करियर विशेषज्ञ एक मंच पर आकर विद्यार्थियों को वास्तविक रोजगार परिदृश्य समझाते हैं, तो इससे करियर चयन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

भोपाल में आयोजित यह बूट कैंप केवल एक करियर इवेंट नहीं, बल्कि उस बदलते शिक्षा मॉडल की झलक भी है जहां डिग्री से ज्यादा “स्किल, अनुकूलन क्षमता और इंडस्ट्री कनेक्ट” भविष्य तय करेंगे।

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