भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) में आयोजित सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को एक अनूठी एवं ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महासंघ के मीटिंग हॉल में आयोजित इस प्रतियोगिता की विशेषता यह रही कि इसका पूरा प्रारूप सहकारिता के सात अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों पर आधारित था। टीमों के गठन से लेकर प्रतियोगिता के सातों चरणों तक सहकारी मूल्यों को केंद्र में रखा गया।
प्रतियोगिता का संचालन एमपीसीडीएफ के ग्रुप हेड (क्षेत्र संचालन) मिलन मिश्रा ने किया। निर्णायक मंडल में प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के महाप्रबंधक जयदेव विश्वास तथा ग्रुप हेड प्लांट ऑपरेशन डी.के. पांडे शामिल रहे।
सात चरणों में सहकारिता से जुड़े विविध विषयों पर पूछे गए प्रश्न
प्रतियोगिता में कुल सात राउंड आयोजित किए गए, जिनमें सहकारिता आंदोलन के इतिहास, प्रमुख उपलब्धियों, महत्वपूर्ण पड़ावों, सहकारी क्षेत्र के प्रतिष्ठित ब्रांडों, केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख पहलों, सहकारिता आंदोलन को दिशा देने वाले महान व्यक्तित्वों तथा सहकारी क्षेत्र से जुड़े समसामयिक विषयों पर प्रश्न पूछे गए। अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपने ज्ञान और समझ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
मिश्रित टीमों ने प्रस्तुत किया सहकारिता की वास्तविक भावना
प्रतियोगिता के लिए बनाई गई प्रत्येक टीम में अधिकारियों और कर्मचारियों दोनों को शामिल किया गया था। इस मिश्रित टीम संरचना ने सहयोग, सहभागिता और सामूहिक कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित किया। आयोजन के दौरान सहकारिता के मूल सिद्धांत—स्वैच्छिक भागीदारी, लोकतांत्रिक नियंत्रण, समान सहभागिता और पारस्परिक सहयोग—व्यवहारिक रूप से भी देखने को मिले।
सहकारी मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य
एमपीसीडीएफ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सहकारिता आंदोलन के इतिहास, मूल्यों, सिद्धांतों तथा वर्तमान समय में सहकारी क्षेत्र की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। सात सिद्धांतों पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रारूप ने प्रतिभागियों में विशेष उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का संचार किया।
समापन समारोह में होंगे विजेताओं का सम्मान
आयोजकों के अनुसार, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा सहकारिता सप्ताह के समापन समारोह में सोमवार को की जाएगी। इसी अवसर पर विजेता टीमों को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया जाएगा। यह आयोजन सहकारिता की भावना को मजबूत करने और संस्थान में ज्ञान आधारित सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।