नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन परियोजनाओं में किया जा रहा ग्रीन फंड का उपयोग
नई दिल्ली, 29 जून । सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने सतत वित्त (Sustainable Finance) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में ग्रीन डिपॉजिट (हरित जमा) के माध्यम से ₹609.96 करोड़ जुटाए हैं, जो वित्त वर्ष 2024-25 में जुटाई गई ₹394.31 करोड़ की राशि से 54.69 प्रतिशत अधिक है।
पीएनबी की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, हरित जमा में यह वृद्धि पर्यावरण अनुकूल निवेश विकल्पों के प्रति ग्राहकों की बढ़ती रुचि और बैंक की सतत वित्त रणनीति को दर्शाती है।
ग्रीन डिपॉजिट से पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं को मिलेगा समर्थन
पीएनबी ने बताया कि ग्रीन डिपॉजिट के माध्यम से जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन जैसी परियोजनाओं के वित्तपोषण में उपयोग किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को कम करने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना है।
ग्रीन डिपॉजिट ऐसे वित्तीय उत्पाद होते हैं, जिनमें जमा राशि का उपयोग विशेष रूप से पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ गतिविधियों और परियोजनाओं के लिए किया जाता है।
सतत विकास लक्ष्यों के साथ बैंक की रणनीति
पीएनबी का कहना है कि बढ़ता ग्रीन डिपॉजिट पोर्टफोलियो ग्राहकों के भरोसे और जिम्मेदार निवेश की ओर बढ़ते रुझान को दिखाता है। बैंक पर्यावरणीय प्रभाव वाली परियोजनाओं में इन फंडों के उपयोग पर विशेष ध्यान दे रहा है।
भारत में स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच बैंकिंग क्षेत्र में ग्रीन फाइनेंस की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
ग्रीन फाइनेंस पोर्टफोलियो को मजबूत करने की तैयारी
पीएनबी ने भविष्य में अपने ग्रीन फाइनेंस पोर्टफोलियो को और विस्तार देने की प्रतिबद्धता जताई है। बैंक का लक्ष्य ऐसे वित्तीय समाधानों को बढ़ावा देना है, जो आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकों द्वारा ग्रीन डिपॉजिट और सतत वित्त योजनाओं को बढ़ावा देना भारत के जलवायु लक्ष्यों तथा कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।