बारिश ने खोली सड़कों के काम की पोल, आठ करोड़ से होगा पैचवर्क


भ


ोपाल। राजधानी में 8 अगस्त से हुई लगातार तेज बारिश ने शहर की सड़कों की बदहाली के साथ निर्माण और रखरखाव की व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। कई प्रमुख सड़कों और कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों पर डामर उखड़ गया है और जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश से ठीक पहले नगर निगम और लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए कई जगहों के पैचवर्क भी उखड़ने की शिकायतें सामने आई हैं।
सड़कों की खराब हालत के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। जिन रास्तों पर सामान्य दिनों में 10 मिनट लगते थे, वहां अब आधा घंटा या उससे अधिक समय लग रहा है। कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति भी बन रही है, खासकर रात के समय परेशानी बढ़ जाती है। कुछ स्थानों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव भी करना पड़ा है।
पैचवर्क के लिए 8 करोड़ मंजूर
नगर निगम ने बारिश के दौरान उखड़ी सड़कों और बड़े गड्ढों को भरने के लिए करीब 8 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। बारिश के दौरान तत्काल पैचवर्क कर यातायात सुचारू रखने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद 15 अगस्त से सर्वे, सितंबर में खराब सड़कों की पहचान और बारिश के बाद स्थायी सुधार की योजना है। स्थायी मरम्मत का काम सितंबर के अंत के बाद शुरू किया जाना प्रस्तावित है।
हर साल करोड़ों खर्च, फिर भी सड़कें बदहाल
भोपाल में नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियों के माध्यम से सड़क निर्माण, मरम्मत और रखरखाव पर हर साल करीब 150 से 200 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा है। इसके बावजूद बारिश के बाद सड़कों की हालत खराब होने से काम की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में नगर निगम ने सड़क सुधार और मरम्मत के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 85 वार्डों की वार्ड नियोजन निधि के लिए 42.5 करोड़ और दुर्घटना संभावित स्थानों तथा सड़क पुनर्गठन के लिए 6.9 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं।
इन इलाकों में ज्यादा परेशानी
लालघाटी-बैरागढ़, सिंधी कॉलोनी, भाजपा कार्यालय क्षेत्र, ई-4 अरेरा कॉलोनी, अंबेडकर फ्लाईओवर, आयकर भवन, न्यू मार्केट-जवाहर चौक, डिपो चौराहा-भदभदा, लिंक रोड-1, 2 और 3, अशोका गार्डन, सेमरा, ऐशबाग स्टेडियम के सामने, नवाब होटल-सेमरा मार्ग, करोंद हाउसिंग बोर्ड, शाहपुरा, त्रिलंगा, शैतान सिंह चौराहा, फाइव नंबर स्टॉप और 100 क्वार्टर की अंदरूनी सड़कों पर गड्ढों और उखड़े डामर से लोगों को परेशानी हो रही है।
सीवेज और पाइपलाइन के अधूरे काम भी बने मुसीबत
नए शहर के कई हिस्सों में पीडब्ल्यूडी और नगर निगम की ओर से अमृत-2 योजना के तहत सीवेज पाइपलाइन के काम चल रहे थे। बारिश शुरू होने से पहले कई जगह काम रोक दिया गया, लेकिन जहां काम अधूरा है या पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई, वहां बारिश से कीचड़ फैल गया है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है।
शाहपुरा निवासी आरके शर्मा का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़क निर्माण, सीवरेज और पाइपलाइन के काम एक साथ होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पूर्व पीडब्ल्यूडी मुख्य अभियंता वीके अमर ने खराब अंतर-विभागीय समन्वय और कार्य निष्पादन को सड़कों की बदहाली की वजह बताया। वहीं, मैनिट के प्रोफेसर सिद्धार्थ रोकड़े ने खराब योजना, कमजोर प्री-मानसून रखरखाव और जल निकासी व्यवस्था को प्रमुख कारण माना।
अधिकारियों ने दिए मरम्मत के निर्देश
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि बारिश के दौरान खोदी गई सड़कों की स्थायी मरम्मत करना उचित नहीं है। स्थायी बहाली का काम बारिश के बाद सितंबर के अंत से शुरू किया जाना प्रस्तावित है।
अपर आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि लगातार बारिश से सड़कों के उखड़ने की जानकारी मिली है। संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत तथा गड्ढे भरने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री एचएस जायसवाल ने कहा कि विभाग अपने अधीन आने वाली सड़कों की नियमित निगरानी करता है और प्री-मानसून पैचवर्क भी कराया जाता है।




