IPS अभिजीत कुमार रंजन के खिलाफ विभागीय जांच में देरी का आरोप

70 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह सचिव समेत छह कार्यालयों को भेजी शिकायत; निष्पक्ष जांच की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (PTRI), जहांगीराबाद, भोपाल में पदस्थ IPS अधिकारी अभिजीत कुमार रंजन के खिलाफ विभागीय जांच लंबित होने का आरोप लगाया गया है। मऊगंज निवासी 70 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका कुसुम द्विवेदी ने इस संबंध में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित छह उच्च कार्यालयों को शिकायत भेजी है। उन्होंने जांच शुरू कराकर मामले का निष्पक्ष निराकरण करने की मांग की है।

गृह विभाग में जांच लंबित होने का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस मुख्यालय की ओर से जांच प्रतिवेदन अनुशंसा के साथ गृह विभाग को भेजा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद विभागीय जांच आगे नहीं बढ़ी है। उन्होंने दावा किया है कि मुख्यमंत्री की ओर से विभागीय जांच के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दिए जाने के बाद भी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।

कुसुम द्विवेदी ने शिकायत में जांच में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों और जांच की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ऑडियो-वीडियो साक्ष्य होने का दावा

शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके पास ऑडियो, वीडियो और डिजिटल दस्तावेजों के रूप में साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने मांग की है कि जांच के दौरान उनके और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए जाएं, ताकि उनका पक्ष भी सामने आ सके।

शिकायत में जिला एवं सत्र न्यायालय, कटनी में परिवाद दायर किए जाने का भी उल्लेख है। इसके अलावा, आवेदिका ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय एवं राज्य महिला आयोग और लोकायुक्त में जांच की प्रक्रिया चलने का दावा किया है। शिकायत के अनुसार, डीआईजी जबलपुर और डीआईजी छिंदवाड़ा की ओर से भी जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपी गई है।

पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल करने की मांग

कुसुम द्विवेदी ने गृह विभाग में लंबित विभागीय जांच तत्काल शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच में पुलिस अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी शामिल किया जाए, ताकि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

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