मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास पर उद्योग-जगत और प्रशासन का मंथन, निवेश और रोजगार बढ़ाने पर बनी सहमति

भोपाल। मध्यप्रदेश को निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा भोपाल में “संवाद – मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास पर परिचर्चा” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
भोपाल स्थित होटल सयाजी में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्योगों और शासन के बीच संवाद को मजबूत बनाना तथा निवेश और रोजगार सृजन के लिए व्यवहारिक सुझावों पर विचार करना था।
उद्योग और शासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एफएमपीसीसीआई के अध्यक्ष हिमांशु खरे ने कहा कि “संवाद” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उद्योगों और शासन के बीच सतत सहयोग का मंच है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ाने, नए उद्योग स्थापित करने और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के लिए नियमित संवाद आवश्यक है।
उनके अनुसार उद्योगपतियों और प्रशासन के बीच पारदर्शी संवाद से नीतिगत निर्णय अधिक प्रभावी बनेंगे और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
निवेश, निर्यात और कौशल विकास पर चर्चा
परिचर्चा के दौरान विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। इनमें—
निवेश प्रोत्साहन
निर्यात संवर्धन
एमएसएमई विकास
कौशल विकास
उद्यमिता प्रोत्साहन
कृषि आधारित उद्योग
फार्मास्यूटिकल क्षेत्र
वैश्विक व्यापार अवसर
उद्योग-अकादमिक सहयोग
रोजगार सृजन
जैसे विषय प्रमुख रहे।
प्रतिभागियों ने उद्योग स्थापना और विस्तार से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
उद्योगों से जुड़े मुद्दों पर सौंपे गए ज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान एफएमपीसीसीआई द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों को उद्योग जगत की समस्याओं और सुझावों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपे गए।
इनमें प्रमुख रूप से—
फायर एनओसी प्रक्रिया का सरलीकरण
औद्योगिक क्षेत्रों में संपत्ति कर नीति का युक्तियुक्तकरण
भोपाल–स्मोलेंस्क सिस्टर सिटी परियोजना से जुड़े सुझाव
फार्मा उद्योगों के लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया को आसान बनाना
Ease of Doing Business को और मजबूत करना
फैक्ट्री अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंसिंग और निरीक्षण प्रक्रियाओं का सरलीकरण
जैसे मुद्दे शामिल रहे।
उद्योगों की भागीदारी से बनेगी मजबूत अर्थव्यवस्था
एफएमपीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आर. एस. गोस्वामी और दीपक शर्मा ने कहा कि नीति निर्माण में उद्योगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने से निवेश, उत्पादन और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार और उद्योग जगत के बीच सहयोग जितना मजबूत होगा, प्रदेश की अर्थव्यवस्था उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगी।
तैयार होगी व्यवहारिक कार्ययोजना
कार्यक्रम में प्राप्त सुझावों को संकलित कर मध्यप्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए एक व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया। साथ ही संबंधित विभागों तक सुझाव पहुंचाकर उनके क्रियान्वयन के लिए निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी।
मध्यप्रदेश को निवेश का आकर्षक केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में मध्यप्रदेश ने औद्योगिक निवेश, अधोसंरचना विकास और व्यापार सुगमता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। ऐसे संवाद कार्यक्रम सरकार और उद्योग जगत के बीच साझेदारी को मजबूत बनाते हैं तथा निवेशकों का विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर एफएमपीसीसीआई ने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग, व्यापार, शासन और समाज के साझा प्रयासों से मध्यप्रदेश को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल किया जा सकता है तथा “समृद्ध मध्यप्रदेश, विकसित उद्योग और आत्मनिर्भर प्रदेश” के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।



