Uncategorized

मध्यप्रदेश में इको-टूरिज्म को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन सर्किट विकसित करने पर जोर

भोपाल, 13 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और इको-टूरिज्म को नई पहचान देने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FMPCCI) के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष हिमांशु खरे के नेतृत्व में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध निदेशक इलैया राजा से मुलाकात की। बैठक में प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार, आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।

इलैया राजा ने बताया कि पर्यटन बोर्ड प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक, प्राकृतिक और विरासत स्थलों पर बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। पर्यटन स्थलों पर पर्यावरण के अनुकूल आकर्षण विकसित करने के साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

FMPCCI अध्यक्ष हिमांशु खरे ने उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, चित्रकूट, जबलपुर और मैहर जैसे आध्यात्मिक स्थलों को खजुराहो, ओरछा, ग्वालियर, मांडू, सांची और भीमबेटका जैसी विरासत स्थलों तथा कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और पन्ना राष्ट्रीय उद्यानों से जोड़कर विशेष पर्यटन सर्किट विकसित करने का सुझाव दिया।

उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड, टैक्सी चालक, होम-स्टे संचालक और होटल कर्मचारियों के कौशल विकास और आतिथ्य प्रशिक्षण के लिए संयुक्त कार्यक्रम चलाने की बात कही। साथ ही पर्यटन स्थलों के आसपास स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और MSME इकाइयों के लिए मार्केटिंग व प्रदर्शन क्षेत्र विकसित करने का सुझाव दिया।

इलैया राजा ने बताया कि भेड़ाघाट के पास इको-टूरिज्म म्यूजियम, वॉक-वे और पर्यटक सुविधाओं के विकास का काम प्रक्रियाधीन है। मदन महल क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास और जरूरी अनुमतियों की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

बैठक में PPP, निवेश, हेरिटेज संरक्षण, ग्रामीण पर्यटन और प्रदेश की पर्यटन ब्रांडिंग को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रतिनिधिमंडल में अशोक आनंद, सचिव प्रवीण आचार्य, सहसचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह और मार्केटिंग हेड राजेश हिरवे सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

Related Articles