300 दिन का पोषण आहार देना था, बच्चों को मिला सिर्फ 170 दिन: जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना

भोपाल, 19 अगस्त 2026। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुपोषण की स्थिति चिंताजनक है और सरकार बच्चों के पोषण के मुद्दे पर गंभीर नहीं है।

पटवारी के अनुसार, प्रदेश की करीब 97 हजार आंगनवाड़ियों में बच्चों और गर्भवती व धात्री महिलाओं को साल में 300 दिन पोषण आहार दिया जाना चाहिए, लेकिन जुलाई तक करीब 170 दिन ही नियमित पोषण आहार मिल सका। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के सभी सात पोषण आहार प्लांट बंद हैं और नई व्यवस्था के लिए अब तक टेंडर भी नहीं हुए हैं।

NFHS-6 के आंकड़ों का हवाला

कांग्रेस अध्यक्ष ने NFHS-6 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में 39.7 प्रतिशत अंडरवेट, 23.8 प्रतिशत वेस्टिंग और 31.4 प्रतिशत स्टंटिंग की स्थिति है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर अंडरवेट की दर 31.8 प्रतिशत और वेस्टिंग 19 प्रतिशत है।

पटवारी ने दावा किया कि NFHS-5 की तुलना में मध्य प्रदेश में अंडरवेट और वेस्टिंग के आंकड़े बढ़े हैं। उनके मुताबिक, अंडरवेट बच्चों का प्रतिशत 33 से बढ़कर 39.7 और वेस्टिंग 18.9 से बढ़कर 23.8 प्रतिशत हुआ है।

विधानसभा में दिए आंकड़ों का भी किया जिक्र

पटवारी ने कहा कि वर्ष 2025 में विधानसभा में सरकार ने प्रदेश में करीब 1.36 लाख कुपोषित बच्चों की जानकारी दी थी। इनमें 29,830 गंभीर रूप से कुपोषित और करीब 1.06 लाख मध्यम रूप से कुपोषित बच्चे बताए गए थे।

उन्होंने पोषण के लिए निर्धारित राशि पर भी सवाल उठाया। पटवारी के अनुसार, सरकार ने विधानसभा में बताया था कि कुपोषित बच्चों के लिए प्रतिदिन 8 रुपये और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के लिए 12 रुपये का प्रावधान है। उन्होंने इसकी तुलना गौशालाओं में गाय के आहार के लिए निर्धारित 40 रुपये प्रतिदिन की राशि से करते हुए सरकार से सवाल किया कि बच्चों के पोषण के लिए इतनी कम राशि क्यों रखी गई है।

सरकार से पूछे सात सवाल

पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और महिला एवं बाल विकास विभाग से पूछा कि जब 300 दिन पोषण आहार देना निर्धारित है तो करीब 170 दिन ही क्यों दिया गया। उन्होंने सातों पोषण आहार प्लांट बंद होने, नई व्यवस्था के लिए टेंडर नहीं होने और बच्चों को नहीं मिले पोषण आहार की भरपाई को लेकर भी जवाब मांगा।

उन्होंने कहा कि बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, उमरिया और श्योपुर सहित आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

पटवारी ने कहा कि सरकार को तत्काल पोषण आहार की व्यवस्था बहाल कर बच्चों को निर्धारित 300 दिन का पोषण आहार उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के मुद्दे पर सरकार को विधानसभा से लेकर सड़क तक जवाबदेह बनाएगी।

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