गोहद के रमणपुरा रोड पर अधूरा भराव और खुले नाले बने हादसों का खतरा, कई आवेदन के बाद भी नगर पालिका ने नहीं की कार्रवाई

न्यायालय में सड़क निर्माण पूरा होने की जानकारी, एक साल में ही फटी सड़क

गोहद। नगर पालिका परिषद गोहद के वार्ड क्रमांक 5 स्थित रमणपुरा रोड की बदहाल स्थिति ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बनाई गई सड़क का निर्माण कागजों में पूरा बताया गया, लेकिन धरातल पर सड़क के दोनों ओर भराव अधूरा है और नाले खुले पड़े हैं। निर्माण के करीब एक साल के भीतर ही सीसी सड़क बीच से फट गई है।

निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और टेंडर की शर्तों का पालन नहीं किए जाने की आशंका है। नागरिकों ने सड़क की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क अभी तीन वर्ष की गारंटी अवधि में है, ऐसे में निर्माण में सामने आई खामियों को दूर कराने की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की है।

नागरिकों ने न्यायालय में प्रस्तुत निर्माण कार्य पूर्णता की जानकारी और वास्तविक स्थिति का मिलान कराने की मांग भी की है।

### कई आवेदन के बाद भी काम शुरू नहीं

रमणपुरा रोड की समस्या को लेकर नगर पालिका में कई बार लिखित आवेदन दिए जा चुके हैं। नागरिकों के मुताबिक, कार्यालय से मौखिक रूप से बताया गया कि संबंधित कार्य का ठहराव प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद मौके पर काम शुरू नहीं हुआ है।

सड़क के दोनों ओर खुले नाले और अधूरा भराव छोटे बच्चों तथा राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। नागरिकों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले समस्या का समाधान किया जाना जरूरी है।

नागरिकों ने उठाई जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने सड़क निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी और गुणवत्ता जांच कराने, न्यायालय में प्रस्तुत कार्य पूर्णता रिपोर्ट का वास्तविक स्थिति से मिलान करने तथा टेंडर, निर्माण सामग्री और भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।

इसके अलावा गारंटी अवधि में ठेकेदार से सड़क की मरम्मत कराने, खुले नालों को तत्काल ढकने और दोनों ओर मिट्टी-मुरम का भराव कराने की मांग की गई है। नागरिकों ने कहा कि यदि निर्माण में अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

नागरिकों का सवाल है कि जब सड़क निर्माण पूरा होने की जानकारी न्यायालय में दी गई है, तो धरातल पर काम अधूरा क्यों है? उन्होंने नगर पालिका से आश्वासन के बजाय तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।

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