दूषित पेयजल से हुई मौतों के विरोध में युवा कांग्रेस निकालेगी प्रदेशव्यापी पदयात्रा

मंत्री विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग तेज, राहुल गांधी 17 जनवरी को इंदौर में पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात

भोपाल/इंदौर: ।मध्यप्रदेश के इंदौर सहित कई जिलों में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण दर्जनों लोगों की मौत और सैकड़ों नागरिकों के बीमार पड़ने के मामले ने अब गंभीर राजनीतिक रूप ले लिया है। इस त्रासदी को सरकारी लापरवाही और प्रशासनिक संवेदनहीनता का परिणाम बताते हुए भारतीय युवा कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। युवा कांग्रेस ने इस जनस्वास्थ्य संकट के खिलाफ पिछले सात दिनों तक इंदौर में क्रमिक अनशन किया, जिसका समापन 15 जनवरी 2026 को वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में हुआ। अनशन के दौरान सरकार और प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की संवेदनशील पहल न किए जाने से आक्रोश और बढ़ गया है। न तो कोई मंत्री अनशन स्थल पर पहुँचा और न ही प्रशासन ने पीड़ित परिवारों से संवाद करने की जरूरत समझी।

राहुल गांधी करेंगे पीड़ित परिवारों से मुलाकात

युवा कांग्रेस के अनुसार, इस गंभीर मामले में पीड़ित परिवारों को संबल देने और राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दे को उठाने के लिए नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी 17 जनवरी 2026 को इंदौर पहुंचेंगे। वे मृतकों के परिजनों से मिलकर उनका दर्द साझा करेंगे और सरकार की लापरवाही को राष्ट्रीय मंच पर उजागर करेंगे।युवा कांग्रेस का कहना है कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि न्याय, जवाबदेही और मानवीय संवेदनाओं की लड़ाई है।

अनशन के बाद अब पदयात्रा आंदोलन की तैयारी

मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस की प्रभारी शिवि चौहान ने कहा “भाजपा सरकार की लापरवाही से निर्दोष लोगों की जान गई है। सात दिन से हम अनशन पर बैठे थे, लेकिन सरकार पूरी तरह असंवेदनशील बनी रही। अब यह आंदोलन पदयात्रा के रूप में पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा। सभी जिलों से कार्यकर्ता इंदौर पहुंचेंगे और पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होकर न्याय की आवाज बुलंद करेंगे।” वहीं, सह प्रभारी रुपेश भदौरिया ने कहा “यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि कानूनी और मानवीय मुद्दा है। पदयात्रा के दौरान हम जनता को FIR, NHRC शिकायत, PIL जैसे कानूनी अधिकारों की जानकारी देंगे। भाजपा सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ यह निर्णायक लड़ाई होगी।”



प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा “सात दिन का अनशन अब संघर्ष यात्रा में बदल रहा है। कार्यकर्ता सफेद पटके और काले बैज पहनकर पदयात्रा करेंगे। घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और जनता तक सच्चाई पहुँचाई जाएगी।”

पदयात्रा का स्वरूप और रणनीति

मीडिया चेयरमैन अभिज्ञान शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों से युवा कांग्रेस कार्यकर्ता संगठित रूप से इंदौर पहुंचेंगे। यात्रा के दौरान कार्यकर्ता सफेद पटके और काले बैज धारण करेंगे, जो शोक और संघर्ष का प्रतीक होंगे। गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। विभिन्न स्थानों पर वाटर टेस्टिंग और वाटर ऑडिट किए जाएंगे। नागरिकों को संवैधानिक अधिकारों – FIR, जांच समिति, NHRC शिकायत आदि के बारे में जागरूक किया जाएगा। इंदौर के बाद यह पदयात्रा अन्य जिलों में भी आयोजित होगी और आगे चलकर ब्लॉक तथा वार्ड स्तर तक विस्तारित की जाएगी।

युवा कांग्रेस की प्रमुख मांगें

आंदोलन के तहत युवा कांग्रेस ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—
1. मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा
2. हाईकोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच समिति का गठन
3. जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ FIR और कड़ी कार्रवाई

युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।



Exit mobile version