
भोपाल । विश्व योग दिवस (21 जून) के उपलक्ष्य में आयोजित योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में भोपाल की मुस्लिम महिलाओं ने बुर्के में भाग लेकर एक अनुकरणीय संदेश दिया। ईदगाह हिल्स स्थित बाजपेई नगर प्रांगण में गुरुनानक मंडल द्वारा आयोजित इस विशेष योग सत्र में 50 से अधिक मुस्लिम बहनों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
इस आयोजन ने यह साबित किया कि योग किसी धर्म, जाति या लिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी के लिए स्वास्थ्य का सार्वभौमिक माध्यम है।
मुस्लिम महिलाओं का उत्साह प्रशंसनीय
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने योग को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया।
बद्दु निशा खान ने कहा, “यह शानदार पहल है। योग से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है और मन को स्फूर्ति मिलती है। हम तो रोज यहां आना चाहेंगे।”
रिहाना बी ने बताया, “हर दिन योग करने से घरेलू कामकाज में थकान नहीं लगती और शरीर तंदुरुस्त रहता है। अन्य महिलाओं को भी इस मुहिम से जुड़ना चाहिए।”
यासमिन खान ने अपने विचार रखते हुए कहा, “मैं चाहती हूं कि हमारे समाज की महिलाएं भी आगे आएं और योग को अपनाएं। खुद को फिट रखना आज की ज़रूरत है।”
समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन
आज की बदलती जीवनशैली के साथ मुस्लिम महिलाओं में भी स्वास्थ्य जागरूकता का स्तर बढ़ रहा है। परदे में रहने वाली महिलाएं भी अब स्वयं को स्वस्थ और सशक्त बनाए रखने के लिए योग जैसे साधनों को अपना रही हैं।
गुरुनानक मंडल की सराहनीय पहल
गुरुनानक मंडल द्वारा आयोजित इस योग प्रशिक्षण शिविर ने एक समावेशी सामाजिक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह कार्यक्रम नारी स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आत्मबल को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम सिद्ध हुआ है।







