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भोपाल में महिलाएं करेंगी पानी की पाइपलाइन लीकेज की जांच, अमृत 2.0 के तहत शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट

भोपाल में अमृत 2.0 मिशन के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को जल वितरण प्रणाली में लीकेज डिटेक्शन और पाइपलाइन मरम्मत का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह देशव्यापी पायलट प्रोजेक्ट है।

भोपाल। भारत सरकार के अमृत 2.0 मिशन के तहत भोपाल में स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को जल वितरण प्रणाली में लीकेज डिटेक्शन और पाइपलाइन मरम्मत का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल देशव्यापी पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसके लिए भोपाल का चयन किया गया है।

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) के अंतर्गत संचालित ‘अमृत मित्र परियोजना’ का दायरा बढ़ाते हुए अब महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण, पार्क रखरखाव और पौधरोपण के साथ-साथ तकनीकी कार्यों से भी जोड़ा जा रहा है।

आईटीआई गोविंदपुरा में शुरू हुआ पहला प्रशिक्षण बैच

महिलाओं के प्रशिक्षण का पहला बैच 6 अगस्त 2026 से गोविंदपुरा स्थित आईटीआई में शुरू हुआ। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जल वितरण प्रणाली की संरचना, विभिन्न प्रकार के लीकेज की पहचान, आधुनिक लीकेज डिटेक्शन तकनीक, आवश्यक उपकरणों का उपयोग, पाइपलाइन मरम्मत, सुरक्षा मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण और फील्ड डॉक्यूमेंटेशन की जानकारी दी जा रही है।

केंद्रीय सलाहकारों ने किया निरीक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण करने भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (अमृत 2.0 मिशन) की सलाहकार उषा गर्ग और अरुण शर्मा भोपाल पहुंचे। उन्होंने प्रशिक्षण ले रही महिलाओं से संवाद किया और इस पहल को शहरी जल प्रबंधन, जल संरक्षण और महिला कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

महिला सशक्तिकरण और जल प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा

नगर निगम के अनुसार, इस पहल से महिलाओं को तकनीकी कौशल मिलेगा, साथ ही शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था में लीकेज की समय पर पहचान और पाइपलाइन मरम्मत से पानी की बर्बादी रोकने में भी मदद मिलेगी।

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