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भोपाल रेल कारखाने की बड़ी उपलब्धि, चार माह में 372 यात्री कोचों का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग

पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल सवारी डिब्बा कारखाने ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले चार माह में 372 यात्री कोचों का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग किया। जुलाई में 86 कोचों का अनुरक्षण पूरा हुआ।

भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल स्थित सवारी डिब्बा कारखाने ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में 372 यात्री कोचों का सफलतापूर्वक पीरियोडिक ओवरहॉलिंग (POH) कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इनमें केवल जुलाई माह में ही 86 कोचों का अनुरक्षण किया गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मुख्य कारखाना प्रबंधक के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ अधिकारियों की सतत निगरानी में अनुरक्षण डिपो ने सुनियोजित कार्ययोजना और टीमवर्क के माध्यम से यह लक्ष्य हासिल किया।

पीरियोडिक ओवरहॉलिंग में किए जाते हैं ये प्रमुख कार्य

कोचों की पीरियोडिक ओवरहॉलिंग के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं—

कोच की बॉडी और अंडरगियर की मरम्मत कर परिचालन सुरक्षा बढ़ाना।

ट्रॉली और बोगी के महत्वपूर्ण पुर्जों की मरम्मत एवं परीक्षण।

एयर ब्रेक सिस्टम, बफर और अन्य संरचनात्मक उपकरणों का रखरखाव, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और झटके रहित यात्रा मिल सके।

व्हील और एक्सल की मरम्मत एवं अनुरक्षण कर परिचालन की विश्वसनीयता को मजबूत बनाना।

यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

रेलवे का कहना है कि नियमित पीरियोडिक ओवरहॉलिंग से कोचों की तकनीकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इससे रेल संचालन अधिक सुरक्षित, सुचारु और विश्वसनीय बनता है तथा यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलता है।

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