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भारतीय रेलवे में बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (BCM) की उपयोगिता में पश्चिम मध्य रेलवे अव्वल, अप्रैल 2025 में 78% प्रदर्शन के साथ शीर्ष पर

भोपाल।  भारतीय रेलवे द्वारा रेल ट्रैक के रखरखाव और संरक्षा को आधुनिकतम स्तर पर ले जाने के लिए अब पारंपरिक तरीकों की जगह उच्च तकनीक युक्त मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों की कड़ी में बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (Ballast Cleaning Machine – BCM) ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता से भारतीय रेलवे के भीतर उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है।

पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) ने अप्रैल 2025 में BCM की 78% उपयोगिता दर के साथ संपूर्ण भारतीय रेलवे में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह प्रदर्शन 01 अप्रैल से 28 अप्रैल 2025 तक की अवधि में रिकॉर्ड किया गया है। इस दौरान पूर्व रेलवे दूसरे स्थान और ईस्ट कोस्ट रेलवे तीसरे स्थान पर रहे।

BCM क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?

बैलास्ट क्लीनिंग मशीन का प्रयोग रेल ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग के लिए किया जाता है। यह प्रक्रिया ट्रैक के नीचे मौजूद गिट्टी को साफ कर उसे दोबारा व्यवस्थित करती है, जिससे रेल संरचना की मजबूती और ड्रेनेज क्षमता बनी रहती है। इससे ट्रैक की उम्र और विश्वसनीयता में भी इज़ाफा होता है।

पश्चिम मध्य रेलवे में तकनीकी उन्नति के तहत प्रमुख मशीनों का उपयोग:

3X, CSM, WST, MPT मशीनें: मुख्य ट्रैक मेंटेनेस के लिए

BCM: गिट्टी की डीप स्क्रीनिंग के लिए

T-28 मशीन: टर्नआउट रिन्युअल

UNIMAT मशीन: टर्नआउट टैम्पिंग

FRM मशीन: शोल्डर बैलास्ट क्लीनिंग


इन मशीनों के उपयोग से भारतीय रेलवे को हुए प्रमुख फायदे:

रेल गति में वृद्धि, जिससे समय की बचत

कॉशन ऑर्डर की आवश्यकता कम, परिचालन में दक्षता

मेंटेनेस लागत में कमी, दीर्घकालिक बचत

उच्च ट्रैक विश्वसनीयता, कम गड़बड़ी और जर्क रहित सफर

उत्पादन क्षमता में वृद्धि, कम समय में अधिक कार्य

संरक्षा एवं सुरक्षा में वृद्धि, यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा अनुभव


पश्चिम मध्य रेलवे ने यह साबित किया है कि मॉडर्न टेक्नोलॉजी के सतत उपयोग और रणनीतिक योजना के माध्यम से रेलवे न केवल परिचालन दक्षता बढ़ा सकता है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में भी उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है।

रेल मंत्रालय ने पश्चिम मध्य रेलवे के इस प्रदर्शन की सराहना करते हुए अन्य जोनों को भी इस दिशा में प्रेरणा लेने का संदेश दिया है।

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