MCU भोपाल में “डिजिटल मीडिया और एआई” पर इंडस्ट्री इंटरेक्शन सेशन, विजय मनोहर तिवारी बोले – इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सच की तह तक जाएं

भोपाल । माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) के न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा शुक्रवार को “डिजिटल मीडिया एंड एआई” विषय पर एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्री इंटरेक्शन सेशन आयोजित किया गया। यह आयोजन स्वामी विवेकानंद सभागार में संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय मनोहर तिवारी ने की।
इस सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में ईटीवी भारत समूह के समूह संपादक बिलाल भट और सीईओ जे. श्रीनिवास ने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संयोजन विभागाध्यक्ष और डीन प्रो. डॉ. पी. शशिकला द्वारा किया गया।
डिग्री सिर्फ गेट पास है, सच की पत्रकारिता के लिए चाहिए तकनीकी समझ: विजय मनोहर तिवारी
सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि आज की पत्रकारिता में केवल डिग्री से काम नहीं चलेगा। इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक उपकरणों का प्रयोग करके पत्रकारों को सच की तह तक जाना होगा। उन्होंने क्लासरूम और न्यूज़ रूम के बीच के फासले को कम करने की आवश्यकता जताई और कहा कि विद्यार्थियों का लक्ष्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि सार्थक और खोजी पत्रकारिता करना होना चाहिए।
मीडिया में तकनीकी उपयोग और जंक जर्नलिज्म पर बोले बिलाल भट
ईटीवी भारत के समूह संपादक बिलाल भट ने कहा कि आज मीडिया इंडस्ट्री में तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने जंक जर्नलिज्म और AI के मीडिया में उपयोग के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह गलत जानकारी (मिसइन्फॉर्मेशन) के चलते मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।
कंटेंट क्वालिटी, मिसइन्फॉर्मेशन और डिजिटल मॉडल्स पर श्रीनिवास का विश्लेषण
मुख्य वक्ता जे. श्रीनिवास, CEO, ETV भारत ने कहा कि पारंपरिक मीडिया जैसे प्रिंट, रेडियो और टीवी एकतरफा संचार के माध्यम हैं, जहां केवल निर्माता तय करता है कि क्या और कैसे दिखाना है। लेकिन आज सोशल मीडिया, OTT और पॉडकास्ट जैसे प्लेटफॉर्म पुल मॉडल की ओर ले जा रहे हैं, जहां दर्शक भी चयनकर्ता बन चुका है।
उन्होंने मिसइन्फॉर्मेशन, डिसइन्फॉर्मेशन, कंटेंट क्वालिटी चेक, सोशल मीडिया अकाउंट्स की जिम्मेदारी, और पत्रकारिता में उत्तरदायित्व जैसे मुद्दों को विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम का संचालन दिव्याश्री मिश्रा और वैष्णवी चौधरी ने किया, जबकि सहायक प्राध्यापक मनोज कुमार धुर्वे ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. डॉ. अविनाश वापजेयी, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, विभागाध्यक्ष और छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






