जबलपुर। मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) ने प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ महाप्रबंधक उमेश कुमार साहू की सेवाएं तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को वापस सौंप दी हैं। प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक (प्रशासन) की ओर से जारी आदेश में साहू को तत्काल कार्यभार से मुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के मुताबिक उनके लंबित बकायों और लैपटॉप पॉलिसी से संबंधित मामलों का निराकरण करने के बाद उन्हें कार्यभार से मुक्त किया जाना है।
कार्यकाल की जांच के लिए कमेटी
उमेश कुमार साहू के कार्यकाल में सामने आए कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की जांच के लिए सीजेएम जबलपुर की अध्यक्षता में कमेटी गठित किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, जांच पूरी होने और निष्कर्ष सामने आने तक किसी आरोप को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
बताया गया है कि साहू के खिलाफ ठेकेदारों ने पूर्व में आंदोलन भी किया था। अब उनके प्रतिनियुक्ति से हटने और जांच कमेटी गठित होने के बाद संबंधित मामलों की जांच की जाएगी।
तीन इकाइयों का प्रभार दूसरे अधिकारियों को
प्रशासकीय कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए उमेश साहू के प्रभार वाली तीन इकाइयों की अतिरिक्त जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को सौंपी गई है।
– सतना इकाई: मैहर के महाप्रबंधक आकाश राठौर को अतिरिक्त प्रभार।
– रीवा एवं मऊगंज इकाई: सीधी के महाप्रबंधक जी.पी. मिश्रा को अतिरिक्त जिम्मेदारी।
प्राधिकरण ने संबंधित अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार संभालने के निर्देश जारी किए हैं। अब उमेश कुमार साहू को मूल विभाग में वापस भेजे जाने के बाद उनके कार्यकाल से जुड़े मामलों की जांच कमेटी के निष्कर्ष पर नजर रहेगी।
