भोपाल। कोलारस और आसपास के रेल यात्रियों को बड़ी सुविधा मिली है। उज्जैनी एक्सप्रेस का कोलारस रेलवे स्टेशन पर प्रायोगिक ठहराव शुरू हो गया है। केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कोलारस स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में हरी झंडी दिखाकर इस ठहराव का शुभारंभ किया।
रेलवे के अनुसार, यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय रेल संपर्क मजबूत करने के उद्देश्य से गाड़ी संख्या 14309/14310 लक्ष्मीबाई नगर–योगनगरी ऋषिकेश–लक्ष्मीबाई नगर उज्जैनी एक्सप्रेस को कोलारस स्टेशन पर दो मिनट का प्रायोगिक ठहराव दिया गया है।
दोनों दिशाओं में दो मिनट रुकेगी ट्रेन
गाड़ी संख्या 14310 योगनगरी ऋषिकेश–लक्ष्मीबाई नगर उज्जैनी एक्सप्रेस का कोलारस स्टेशन पर आगमन रात 8:43 बजे और प्रस्थान 8:45 बजे होगा। इस दिशा में ठहराव 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है।
वहीं गाड़ी संख्या 14309 लक्ष्मीबाई नगर–योगनगरी ऋषिकेश उज्जैनी एक्सप्रेस कोलारस स्टेशन पर रात 11:34 बजे पहुंचेगी और 11:36 बजे रवाना होगी। इस दिशा में ठहराव 2 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा।
ऋषिकेश और लक्ष्मीबाई नगर के लिए सीधी सुविधा
उज्जैनी एक्सप्रेस के ठहराव से कोलारस और आसपास के यात्रियों को योगनगरी ऋषिकेश, लक्ष्मीबाई नगर और रास्ते के प्रमुख रेलवे स्टेशनों तक आने-जाने के लिए बेहतर रेल विकल्प मिलेगा।
रेलवे के मुताबिक इस सुविधा से स्थानीय आवागमन के साथ क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कोलारस के यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही रेल ठहराव की मांग को पूरा करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी रहे मौजूद
उद्घाटन कार्यक्रम में कोलारस विधायक महेंद्र रामसिंह यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव, नगर परिषद कोलारस अध्यक्ष प्रियंका शिवहरे, भाजपा शिवपुरी जिला अध्यक्ष जसमंत जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रेल प्रशासन की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक योगेंद्र बघेल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया सहित रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में यात्री उपस्थित रहे।
भोपाल मंडल का कहना है कि यात्रियों की जरूरत और क्षेत्रीय मांगों को ध्यान में रखते हुए यात्री सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। कोलारस स्टेशन पर उज्जैनी एक्सप्रेस का प्रायोगिक ठहराव इसी प्रयास का हिस्सा
