भोपाल। नाबालिग बालिका के साथ छेड़छाड़ के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई है। अनन्य विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मनोहरलाल पाटीदार की अदालत ने आरोपी संतोष धनगर को पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 के तहत आरोपी को 1 वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने पीड़िता को 4 लाख रुपये का प्रतिकर दिए जाने का भी आदेश किया है। यह निर्णय 31 अगस्त 2026 को सुनाया गया।
बस स्टॉप पर बाइक से घर छोड़ने की बात कही
मामला 25 जुलाई 2024 का है। अभियोजन के अनुसार, नाबालिग बालिका स्कूल से छुट्टी के बाद घर जाने के लिए पुलिस थाने के सामने स्थित बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान गांव का रहने वाला आरोपी संतोष धनगर वहां पहुंचा और बाइक से घर छोड़ने की बात कही। बालिका ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया और बस से घर के लिए रवाना हो गई।
शाम करीब 4:35 बजे वह मुगालिया हाट जोड़ से पैदल अपने घर जा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी दोबारा उसके पास पहुंचा और उसका हाथ पकड़कर जबरदस्ती बाइक पर बैठाने का प्रयास किया। इस दौरान उसकी स्कूल ड्रेस की आस्तीन फट गई। बालिका के शोर मचाने पर आरोपी वहां से भाग गया।
पुलिस ने दर्ज किया था मामला
घर पहुंचने के बाद बालिका ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस थाना परवलिया सड़क में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 140/2024 दर्ज किया गया। पुलिस ने BNS की धाराओं 74, 75, 79 और पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज कर जांच की।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य, दस्तावेज और तर्कों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
अभियोजन ने की प्रभावी पैरवी
इस मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अजय शंकर प्रजापति और श्रीमती ज्योति कुजूर ने अभियोजन की ओर से पैरवी की।
