गोहद में 25 अक्टूबर को निकलेगी पहली गौ-हद धाम नगरकोट परिक्रमा यात्रा

शरद पूर्णिमा पर हठीले हनुमान मंदिर से शुरू होगी यात्रा, आयोजकों ने ब्रजक्षेत्र के लोगों से शामिल होने की अपील की

गोहद। गोहद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 25 अक्टूबर को पहली गौ-हद धाम नगरकोट परिक्रमा यात्रा निकाली जाएगी। शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस यात्रा का शुभारंभ सुबह 10 बजे श्री हठीले हनुमान मंदिर से होगा। यात्रा का समापन किला परिसर मैदान स्थित श्री भीमाशंकर महादेव के पास किया जाएगा।

गौ-हद धाम नगरकोट परिक्रमा यात्रा समिति ने ब्रजक्षेत्र के संत-महात्माओं, धर्माचार्यों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से यात्रा में शामिल होने की अपील की है। समिति का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य गोहद की आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा विरासत के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है।

विरासत संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर जोर

आयोजकों के अनुसार, किसी नगर की पहचान केवल उसके भवनों, सड़कों और बाजारों से नहीं होती, बल्कि वहां की परंपराओं, ऐतिहासिक स्मृतियों और सांस्कृतिक मूल्यों से भी बनती है। इन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए जरूरी है कि स्थानीय लोग अपनी विरासत को जानें और उसके संरक्षण में भागीदारी निभाएं।

समिति ने युवाओं से गोहद के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को समझने तथा संरक्षण के प्रयासों में आगे आने का आग्रह किया है। वहीं, परिवारों से बच्चों को अपनी परंपराओं और स्थानीय विरासत से परिचित कराने की अपील की गई है।

### शोध और जनजागरूकता पर भी जोर

समिति का कहना है कि गोहद की विरासत को व्यापक पहचान दिलाने के लिए ऐतिहासिक तथ्यों का संकलन, शोध, जनजागरूकता और संबंधित संस्थाओं से संवाद जैसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य सांस्कृतिक गौरव और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।

समिति ने लोगों से इस यात्रा को सामूहिक सहभागिता का अवसर बनाने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, स्थानीय विरासत के प्रति जागरूकता और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी समाज के सभी वर्गों की साझा जिम्मेदारी है।

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