मंत्रालय कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन, लंबित मांगों पर सरकार को सौंपा ज्ञापन

भोपाल, । पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ तथा मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के संयुक्त तत्वावधान में मंत्रालय वल्लभ भवन के गेट क्रमांक-06 के सामने विशाल प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन के माध्यम से मंत्रालयीन कर्मचारियों सहित प्रदेश के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया।

कर्मचारी संगठनों द्वारा बताया गया कि खरमास समाप्त होने के बाद यह आंदोलन का पहला सांकेतिक चरण था। यदि सरकार द्वारा मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी माह विधानसभा सत्र के दौरान इससे भी बड़ा और प्रभावी आंदोलन करने पर सहमति बनी है।

कई संगठनों की रही सक्रिय भागीदारी

इस प्रदर्शन में तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, निगम-मंडल कर्मचारी संघ, परिवहन कर्मचारी संघ, वन कर्मचारी संघ सहित अनेक संगठनों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में मंत्रालयीन कर्मचारी, आउटसोर्स तथा स्थायीकर्मी कर्मचारी भी अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए आंदोलन में शामिल हुए।

प्रदर्शन को मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजी. सुधीर नायक और कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष श्री अशोक पाण्डे ने संबोधित किया। इसके अलावा कर्मचारी नेता श्याम सुंदर शर्मा, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष विजय मिश्र सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।

इस दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारी—श्री आशीष सोनी, श्री राजकुमार पटेल, श्री हरिशरण द्विवेदी, श्री ठाकुरदास प्रजापति, श्री संतोष बड़ोदिया, श्रीमती दीप्ति बच्चानी, श्री विकास नोरंग और श्री हरीश बाथम सहित अनेक कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री कार्यालय में सौंपा गया ज्ञापन

प्रदर्शन के पश्चात पुलिस व्यवस्था के बीच प्रतिनिधिमंडल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव के कार्यालय में कर्मचारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ द्वारा प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं—

मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें

1. मंत्रालयीन कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान प्रदान किया जाए।

2. मंत्री स्थापना एवं मंत्रालय स्थापना में कार्यरत आकस्मिकता निधि कर्मचारियों को नियमित करने हेतु वर्ष 2023 में आयोजित परीक्षा का परिणाम शीघ्र घोषित किया जाए अथवा पुनः परीक्षा आयोजित की जाए।

3. लंबित 03 प्रतिशत महंगाई भत्ता तत्काल प्रदान किया जाए।

4. स्थायीकर्मी एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को ‘डाइंग कैडर’ घोषित करने संबंधी आदेश निरस्त कर उन्हें नियमित किया जाए तथा आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधी भर्ती में अनुभव के अंक दिए जाएँ।

5. पिछले 10 वर्षों से बंद पदोन्नति की समस्या का समाधान करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा एवं लेखा सेवा की भांति समयमान वेतनमान के साथ उच्च पदनाम प्रदान किया जाए।

6. मंत्रालयीन लिपिकों को तृतीय समयमान में तृतीय पदोन्नति का वेतनमान दिया जाए।

7. पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।

8. 70%-80% वेतन देने के आदेश को निरस्त करने संबंधी हाईकोर्ट के निर्णय को पूर्णतः लागू किया जाए।

9. वर्ष 2012 में मंत्री स्थापना से मंत्रालय स्थापना में आए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पे-प्रोटेक्शन का लाभ दिया जाए।

10. केंद्र सरकार की तर्ज पर फुल पेंशन हेतु अर्हतादायी सेवा अवधि 25 वर्ष की जाए।


कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सांकेतिक था। सरकार यदि समय रहते इन जायज मांगों पर निर्णय नहीं लेती है, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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