रिदम्स ऑफ भोपाल 2026’ में सजी भारतीय शास्त्रीय नृत्य की भव्य प्रस्तुति, कला और संस्कृति से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

भोपाल । रिदम्स ऑफ भोपाल 2026 के तहत राजधानी भोपाल में भारतीय शास्त्रीय नृत्य और सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत छटा देखने को मिली। मदद फाउंडेशन द्वारा संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव का आयोजन कोलार रोड स्थित एलएनसीटी ऑडिटोरियम में किया गया, जहां कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण के साथ युवा पीढ़ी को संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना रहा। समारोह में देश की विविध नृत्य परंपराओं का मंचीय प्रदर्शन किया गया, जिसमें शास्त्रीय और लोक कलाओं का सुंदर समन्वय दिखाई दिया।
संस्कृति से जुड़ाव समाज को देता है मजबूती
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अनुपम चौकसे ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से होती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में युवाओं को भारतीय कला और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना बेहद आवश्यक है और इस प्रकार के आयोजन उस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना डॉ. विजया शर्मा ने युवा कलाकारों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सशक्त स्वरूप है।
कार्यशालाओं में युवाओं ने सीखी नृत्य की बारीकियां
महोत्सव की खास बात यह रही कि मुख्य मंचीय कार्यक्रम से पहले विभिन्न शास्त्रीय नृत्य शैलियों की कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनमें विशेषज्ञ गुरुओं ने प्रतिभागियों को ओडिसी, भरतनाट्यम और कथक जैसी विधाओं की तकनीकी बारीकियों से परिचित कराया।
कार्यशालाओं में बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों के अनुसार इन सत्रों का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करना और शास्त्रीय नृत्य को जनसामान्य तक पहुंचाना था।
‘वंदे भारत’ नृत्य नाटिका बनी आकर्षण का केंद्र
मुख्य मंचीय प्रस्तुतियों में ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक, राजस्थानी लोक नृत्य, गणेश वंदना और तराना ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। वहीं कृष्ण लीला पर आधारित नृत्य नाटिका “वंदे भारत” कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। कलाकारों की प्रस्तुति ने देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देते हुए सभागार में मौजूद दर्शकों को भावुक कर दिया।
युवाओं को करियर के रूप में शास्त्रीय नृत्य अपनाने की सलाह
मदद फाउंडेशन की अध्यक्ष सुनंदा पहाड़े ने कहा कि युवा केवल शौक के तौर पर नहीं, बल्कि करियर विकल्प के रूप में भी शास्त्रीय नृत्य को अपनाएं। उन्होंने बताया कि संस्था भविष्य में करियर काउंसलिंग सत्र और सांस्कृतिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की योजना बना रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि “रिदम्स ऑफ भोपाल” को वार्षिक सांस्कृतिक आयोजन के रूप में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश में भारतीय कला और संस्कृति को नया मंच मिल सके।



