मध्य प्रदेश में लोक परिवहन बसों पर चला विशेष अभियान, 12,209 बसों की जांच; 4,787 चालान, 22 बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त

यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक सप्ताह चला संयुक्त अभियान, गंभीर सुरक्षा खामियों पर परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई

भोपाल, 9 जुलाई। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस परिवहन शोध संस्थान और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से प्रदेशभर में “लोक परिवहन बसों का विशेष चेकिंग एवं प्रवर्तन अभियान” चलाया। एक सप्ताह तक चले इस अभियान में सभी जिलों में सार्वजनिक परिवहन बसों की सघन जांच कर सुरक्षा मानकों और वैधानिक दस्तावेजों का निरीक्षण किया गया।

अभियान के दौरान 12,209 लोक परिवहन बसों की जांच की गई। बसों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट सहित अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता का परीक्षण किया गया। साथ ही फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई।

नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 4,787 चालान बनाए गए और करीब 33 लाख रुपये का शमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया।

जांच के दौरान 128 बसों में गंभीर सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं पाई गईं। कई बसों में आपातकालीन निकास द्वार या तो उपलब्ध नहीं था या उसे बंद कर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई थीं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षित निकासी प्रभावित हो सकती थी।

इन गंभीर मामलों में पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर परिवहन विभाग ने 22 बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए हैं, जिसके चलते उनके पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) भी निलंबित हो गए हैं। शेष बसों के विरुद्ध भी फिटनेस प्रमाण-पत्र और पंजीयन निरस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है तथा संबंधित प्रतिवेदन परिवहन आयुक्त को भेज दिए गए हैं।

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