जबलपुर में 3,420 साइबर ठगी की शिकायतें, 2025 में लोगों को ₹34.81 करोड़ का नुकसान

रिपोर्ट्स में बढ़ते साइबर अपराध का खुलासा, विशेषज्ञों ने 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की दी सलाह

खबर:
जबलपुर, 9 जुलाई 2026। आई4सी (I4C) और एनसीआरपी (NCRP) की रिपोर्ट्स के अनुसार, जबलपुर में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2025 में शहर में 3,420 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें लोगों को करीब 34.81 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ।

रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे मध्य प्रदेश में वर्ष 2025 के दौरान 55,659 साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें करीब 581 करोड़ रुपये की ठगी हुई। हालांकि, समय पर कार्रवाई के चलते अधिकारियों ने 137 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फ्रीज कर पीड़ितों के नुकसान को कम करने में सफलता हासिल की।

बजाज फाइनेंस की “नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड” जागरूकता मुहिम के दौरान जबलपुर के साइबर क्राइम सीएसपी अंजुल मिश्रा ने लोगों से सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों, फर्जी लोन ऑफर और संदिग्ध लिंक से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर शर्मिंदगी महसूस करने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इससे ठगी गई रकम को फ्रीज कर वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

कार्यक्रम में साइबर क्राइम थाना प्रभारी भावना तिवारी ने लोगों को सलाह दी कि किसी भी अनजान नंबर या ईमेल से भेजे गए लिंक, ऐप या एपीके (APK) फाइल डाउनलोड न करें। यदि गलती से कोई संदिग्ध फाइल डाउनलोड हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद कर फोन को फ्लाइट मोड पर कर दें, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।

कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर अपराधी फर्जी निवेश योजनाओं, लोन स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी नौकरी के ऑफर और इम्पर्सनेशन (फर्जी पहचान) जैसे तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

बजाज फाइनेंस के प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष में देशभर में 100 से अधिक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कीं। इनका उद्देश्य लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी के नए तरीकों से सतर्क करना और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक बनाना है।

कार्यक्रम में साइबर क्राइम के सब-इंस्पेक्टर नीरज नेगी, अधिकारी अजीत गौतम, सेवानिवृत्त सीएसपी अशोक तिवारी, सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की प्राचार्य डॉ. निधि खन्ना, उप-प्राचार्य और छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया।

साइबर सुरक्षा सलाह:
किसी के साथ भी अपना ओटीपी, बैंक पिन, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

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