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भोपाल नगर निगम में संपत्तिकर संशोधन के नियम बदले, अधिकारियों के वित्तीय अधिकार तय

भोपाल, 13 जुलाई। संपत्तिकर निर्धारण और टैक्स संशोधन में सामने आई अनियमितताओं के बाद भोपाल नगर निगम ने कर संशोधन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने आदेश जारी कर विभिन्न अधिकारियों के वित्तीय अधिकार निर्धारित कर दिए हैं। अब अधिकारी अपनी तय सीमा तक ही संपत्तिकर में संशोधन कर सकेंगे।

अलग-अलग अधिकारियों को मिले वित्तीय अधिकार

नए आदेश के अनुसार 12 हजार रुपये तक के संपत्तिकर संशोधन का अधिकार जोनल अधिकारी को दिया गया है। 12 हजार से 50 हजार रुपये तक के मामलों का निपटारा सहायक आयुक्त या प्रभारी राजस्व अधिकारी करेंगे। वहीं 50 हजार से 2.50 लाख रुपये तक के प्रकरणों का निर्णय संबंधित नोडल अधिकारी करेंगे।

2.50 लाख रुपये से अधिक के कर संशोधन संबंधी मामलों को अपर आयुक्त (राजस्व) के माध्यम से नगर निगम आयुक्त के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

आवेदनों के निपटारे की समय-सीमा तय

नगर निगम ने कर संशोधन संबंधी आवेदनों के निस्तारण के लिए भी समय-सीमा निर्धारित की है। वार्ड और जोन कार्यालयों में प्राप्त आवेदनों पर दो दिन के भीतर कार्रवाई शुरू करनी होगी। सामान्य मामलों का निराकरण सात कार्य दिवस में तथा निरीक्षण की आवश्यकता वाले मामलों का निपटारा एक माह के भीतर करना अनिवार्य होगा।

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लिया गया निर्णय

नगर निगम के अनुसार हाल के दिनों में संपत्तिकर निर्धारण और टैक्स कम करने के मामलों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हें देखते हुए कर संशोधन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नियमबद्ध बनाने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू की गई है। निगम का मानना है कि इससे मनमाने ढंग से टैक्स संशोधन पर रोक लगेगी और राजस्व को होने वाले नुकसान पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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