State

रेल नीर का जांच में प्रदूषित मिला पानी; भोपाल में यात्रियों की सेहत पर चिंता

भोपाल, 20 अगस्त। रेलवे स्टेशनों पर रोजाना लाखों यात्री बोतलबंद पानी के लिए रेल नीर पर भरोसा करते हैं। लेकिन भोपाल में लिए गए रेल नीर के नमूने की जांच रिपोर्ट में पानी प्रदूषित पाए जाने की जानकारी सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कुछ दिन पहले रेलवे स्टेशन से रेल नीर के नमूने लिए थे। गुरुवार को रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे और आईआरसीटीसी के अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

रेलवे स्टेशनों पर बिकने वाली पानी की बोतलों में रेल नीर की बड़ी हिस्सेदारी है। भोपाल रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं और इनमें से कई यात्री स्टेशन से ही पीने का पानी खरीदते हैं। ऐसे में पानी की गुणवत्ता से जुड़ी रिपोर्ट ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी नियमित रूप से रेल नीर का इस्तेमाल करते हैं।

मंडीदीप में है रेल नीर का प्लांट

भोपाल सहित आसपास के रेलवे स्टेशनों पर रेल नीर की सप्लाई आईआरसीटीसी के माध्यम से की जाती है। रेल नीर का प्लांट मंडीदीप में स्थापित है, जहां से भोपाल मंडल और अन्य रेलवे स्टेशनों तक पानी की आपूर्ति की जाती है। रेलवे केटरिंग और कई स्टॉल भी आईआरसीटीसी के माध्यम से संचालित होते हैं।

खाने की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें

रेलवे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन में कभी कीड़े तो कभी कॉकरोच मिलने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अब रेल नीर की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे की खाद्य और पेयजल व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं।

आईआरसीटीसी ने कहा- गुणवत्ता की नियमित जांच होती है

आईआरसीटीसी के पीआरओ ए.के. सिंह ने कहा कि आईआरसीटीसी खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई, सेवा के मानकों और यात्री संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उनके अनुसार रेल नीर एक ब्रांडेड पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर है और इसकी गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है। निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही पानी यात्रियों को उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना आईआरसीटीसी की प्राथमिकता है। अवैध वेंडरों की संलिप्तता मिलने पर उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles