रेल कर्मचारियों की सतर्कता से टलीं संभावित दुर्घटनाएं, 10 कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार

भोपाल। रेल संचालन के दौरान अपनी सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित निर्णय क्षमता से संभावित दुर्घटनाओं को टालने वाले भोपाल मंडल के 10 रेल कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी ने 10 अगस्त को सभी कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए और उनके सराहनीय कार्य की प्रशंसा की।
रेलवे के अनुसार, इन कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान पहियों में खराबी, ब्रेक जाम, वैगन में धुआं, तकनीकी अनियमितता और यात्री की दुर्घटना जैसी परिस्थितियों को समय रहते पहचाना। तत्काल कार्रवाई के कारण संभावित बड़े हादसों को टाला जा सका।
इन 10 रेल कर्मचारियों को मिला सम्मान
संरक्षा पुरस्कार पाने वालों में परिचालन विभाग के संजय चौरे, रमेश साहू, जय श्रीवास, सुजीत कुमार, अभिषेक परसाई, अमन रैकवार, लोकेश कुमार मीना और मंगेज मीना शामिल हैं। वहीं विद्युत परिचालन विभाग से हरिचरण मीना और मनोज कुमार को सम्मानित किया गया।
मालगाड़ी के जाम पहियों को समय पर पहचाना
23 जून को पवारखेड़ा स्टेशन से गुजर रही मालगाड़ी के निरीक्षण के दौरान कांटेवाला संजय चौरे ने एक वैगन के सभी पहियों में जाम होने और लाल रंग दिखाई देने की असामान्य स्थिति देखी। उन्होंने तुरंत खतरे का संकेत देकर मालगाड़ी को रुकवाया। जांच में वैगन के सभी पहिए जाम मिले।
इसी तरह 2 जुलाई को पवारखेड़ा स्टेशन पर सुजीत कुमार ने मालगाड़ी के एक वैगन से धुआं निकलता देखा। उन्होंने तत्काल गाड़ी रुकवाई। जांच में वैगन में ब्रेक जाम होने की पुष्टि हुई।
इटारसी यार्ड में तकनीकी खामी पकड़ी
6 जुलाई को इटारसी स्टेशन पर मालगाड़ी की भार जांच के दौरान वरिष्ठ मालगाड़ी प्रबंधक रमेश साहू ने एक माल डिब्बे के एक्सल एडाप्टर में निर्धारित माप से अधिक तिरछापन देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना संबंधित कर्मचारियों को दी, जिसके बाद डिब्बे की जांच कर खामी को दूर किया गया।
11 जुलाई को वरिष्ठ मालगाड़ी प्रबंधक जय श्रीवास ने इटारसी यार्ड में मालगाड़ी तैयार करते समय एक वैगन में पहिए के ऊपर आवश्यक स्प्रिंग हैंगर नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद प्रभावित वैगन को गाड़ी से अलग कर आवश्यक कार्रवाई की गई।
महिला यात्री की जान बचाई
30 जून को अभिषेक परसाई गाड़ी संख्या 12854 अमरकंटक एक्सप्रेस के भोपाल स्टेशन से रवाना होने के दौरान एक महिला यात्री को दुर्घटनावश ट्रेन के नीचे गिरते देखा। उन्होंने तत्काल ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी तत्परता से महिला की जान बचाने में मदद मिली।
गर्म हो रहे पहिए को पहचाना
1 जुलाई को कुरवाई-कैथोरा स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान कांटेवाला अमन रैकवार ने मालगाड़ी के एक वैगन के पहियों में जाम होने और जलने की गंध महसूस की। उन्होंने तत्काल स्टेशन को सूचना दी। मालगाड़ी को कल्हार स्टेशन पर रोककर जांच की गई, जहां पहिए गर्म पाए गए। प्रभावित वैगन को अलग कर दिया गया।
इसी दिन पीलीघाट स्टेशन पर लोकेश कुमार मीना और मंगेज मीना ने मालगाड़ी के एक वैगन का पहिया जाम पाया। दोनों ने तुरंत खतरे का संकेत देकर ट्रेन रुकवाई। जांच में ब्रेक जाम होने की पुष्टि हुई।
घायल युवती को अस्पताल पहुंचाया
11 जून को गाड़ी संख्या 14116 में लोको पायलट हरिचरण मीना और सहायक लोको पायलट मनोज कुमार आगासोद-बीना रेलखंड से गुजर रहे थे। किलोमीटर संख्या 979/9 के पास उन्होंने रेलपथ के किनारे एक घायल युवती को देखा।
दोनों कर्मचारियों ने तत्काल संबंधित कर्मचारियों को सूचना दी और स्टेशन स्टाफ की सहायता से युवती को बीना स्टेशन पहुंचाया। वहां से उसे अस्पताल ले जाया गया। समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बचाने में मदद मिली।
संरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता: DRM
मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी ने सभी पुरस्कृत कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि संरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रेल संचालन के दौरान छोटे से छोटे असामान्य संकेत को गंभीरता से लेना और समय पर कार्रवाई करना बड़ी दुर्घटनाओं को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
उन्होंने कर्मचारियों से भविष्य में भी इसी तरह सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ काम करने का आह्वान किया।
भोपाल मंडल की ओर से कहा गया कि ऐसे सराहनीय कार्यों को सम्मानित करने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है। साथ ही अन्य रेलकर्मी भी सुरक्षित रेल संचालन के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अजीत सिंह चौहान, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रोहित मालवीय, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरओ) सचिन आर. शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




