MP Flood Rescue: भारी बारिश के बीच SDERF और होमगार्ड्स ने बचाईं 98 जानें, गर्भवती महिला समेत कई लोगों का रेस्क्यू

भोपाल, 10 अगस्त 2026। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और नदी-नालों के उफान के बीच SDERF और होमगार्ड्स की टीमों ने प्रदेश के कई जिलों में बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। अलग-अलग घटनाओं में 98 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें गर्भवती महिला, महिलाएं, बच्चे, मजदूर और श्रद्धालु शामिल हैं। टीमों ने 7 गोवंश और 4 पालतू पशुओं को भी सुरक्षित बचाया।
होमगार्ड, सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के अनुसार 10 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों से बाढ़ और जलभराव में लोगों के फंसे होने की सूचनाएं मिली थीं। सूचना मिलते ही मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में स्थानीय टीमों को मौके पर भेजकर रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
सीहोर में गर्भवती महिला समेत 4 लोगों का रेस्क्यू
सीहोर जिले के जामनी गांव में नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से एक घर में पानी घुस गया। यहां 23 वर्षीय गर्भवती महिला गीता राजपूत और उनके परिवार के तीन सदस्य फंस गए थे।
सूचना मिलने के बाद SDERF और होमगार्ड्स की टीम रबर बोट लेकर मौके पर पहुंची। टीम ने चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और गर्भवती महिला को एंबुलेंस तक पहुंचाया।
सीहोर के अहमदपुर थाना क्षेत्र में भी जलभराव के बीच फंसे 4 नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
भोपाल में डैम की दीवार टूटने से मचा हड़कंप
भोपाल के सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र के बालमपुर गांव में डैम की दीवार टूटने के बाद बाढ़ का पानी रिहायशी इलाके में पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर के बीच 19 नागरिक और 4 पालतू पशु फंस गए।
SDERF की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इसी क्षेत्र में तेज बहाव के कारण फंसे 4 अन्य लोगों को भी क्विक रिस्पांस टीम ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
विदिशा में 15 मजदूरों को सुरक्षित निकाला
विदिशा के बामनखेड़ा गांव में जलभराव के कारण 15 मजदूर फंस गए थे। SDERF और होमगार्ड्स की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर 2 महिलाओं, 6 बच्चों और 7 पुरुषों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
विदिशा के पथरिया गांव में भी जलभराव में फंसी 1 महिला और 3 पुरुषों को सुरक्षित निकाला गया। रेस्क्यू टीम ने यहां 7 गोवंश को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
ओंकारेश्वर में नदी में बह रहे 3 श्रद्धालुओं को बचाया
खंडवा के प्रसिद्ध तीर्थस्थल ओंकारेश्वर में अभयपुरी घाट पर स्नान के दौरान 3 श्रद्धालु तेज बहाव की चपेट में आ गए। घाट पर तैनात SDERF जवान तेजपाल और बलबहादुर ने तत्काल लाइफ जैकेट के साथ नदी में उतरकर तीनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
समय पर की गई कार्रवाई से तीनों की जान बच गई।
राजगढ़ और आगर-मालवा में भी रेस्क्यू
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के बाधाहेड़ी गांव में मंदिर के आसपास पानी भर गया। इसके बाद मंदिर की छत पर शरण लिए 15 लोगों को SDERF और होमगार्ड्स की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।
आगर-मालवा जिले के सोयत थाना क्षेत्र में भी व्यापक जलभराव की सूचना के बाद SDERF, होमगार्ड्स और आपदा राहत टीम ने मोर्चा संभाला। यहां करीब 30 से 40 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
24 घंटे अलर्ट मोड पर SDERF
SDERF मुख्यालय भोपाल से प्रदेश के संवेदनशील और जलभराव वाले जिलों की 24×7 निगरानी की जा रही है। जिला मुख्यालयों पर क्विक रिस्पांस टीम (QRT), आपदा राहत वाहन, नाव और आधुनिक बचाव उपकरण हाई अलर्ट पर रखे गए हैं।
बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन का फोकस प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द रेस्क्यू टीम पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर है।





