MP में ₹600 करोड़ की कथित वित्तीय गड़बड़ी पर कांग्रेस हमलावर, CBI जांच की मांग

भोपाल, 26 अगस्त । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने प्रदेश में सामने आई कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी बजट और डिजिटल भुगतान व्यवस्था में हुई कथित गड़बड़ी केवल कर्मचारियों की लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि पूरी वित्तीय निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

मुकेश नायक के मुताबिक, शुरुआत में 24 विभागों में अनियमितताओं की जानकारी सामने आई थी, जबकि बाद में यह संख्या बढ़कर 59 विभागों तक पहुंचने की बात कही गई। उन्होंने करीब 400 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी का हवाला देते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की।

₹55 करोड़ निजी खातों में पहुंचने का आरोप

नायक ने सवाल उठाया कि सरकारी भुगतान के लिए निर्धारित बैंक खातों में बदलाव कैसे हुआ और कथित तौर पर सरकारी धन निजी बैंक खातों तक कैसे पहुंचा। उन्होंने करीब 55 करोड़ रुपये निजी खातों में ट्रांसफर होने तथा लगभग 305 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि की जांच की मांग की।

उन्होंने सरकार से पूछा कि बैंक खाते और पासवर्ड किसने बदले, भुगतान किस स्तर से स्वीकृत हुए और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन को वित्तीय नियंत्रण और ऑडिट व्यवस्था समय रहते क्यों नहीं पकड़ सकी।

वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने वित्तीय अनियमितता की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि जिस डिजिटल व्यवस्था से करोड़ों रुपये का बजट संचालित होता है, उसकी निगरानी करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका क्या थी।

नायक ने सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि बजट निर्माण और आवंटन की निर्धारित प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो इसकी जानकारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को कब हुई, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

₹220 करोड़ की रिकवरी पर भी मांगा पूरा हिसाब

नायक ने सरकार की ओर से करीब 380 करोड़ रुपये की गड़बड़ी में से 220 करोड़ रुपये की रिकवरी के दावे का भी उल्लेख किया। उन्होंने मांग की कि सरकार विभागवार, तारीखवार और खातावार जानकारी सार्वजनिक करे कि कितनी राशि किस विभाग से और किस खाते से वापस मिली है तथा कितनी राशि अभी बाकी है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकारी धन से जमीन, मकान, वाहन या अन्य संपत्ति खरीदे जाने की बात जांच में सामने आती है, तो संबंधित संपत्तियों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में CBI जांच की मांग

कांग्रेस ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग की है। नायक ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि पैसा किसने निकाला, सिस्टम और पासवर्ड किसने बदले, बैंक खाते किसने बदले, भुगतान किसने स्वीकृत किए और किन-किन निजी खातों में राशि पहुंची।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य किसी निर्दोष कर्मचारी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी धन की जवाबदेही तय करना है। नायक ने चेतावनी दी कि यदि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े अधिकारियों या कथित राजनीतिक संरक्षण देने वालों को बचाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से विधानसभा तक उठाएगी।

नोट: कांग्रेस द्वारा लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों और बताए गए आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं है। सरकार या संबंधित जांच एजेंसियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।

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