भोपाल, 20 अगस्त 2026। विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समुदायों के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और जीवन स्तर में सुधार के लिए सरकार और सामाजिक संस्थाएं मिलकर ‘जॉइंट एक्शन प्लान’ तैयार करेंगी। इसमें सरकारी योजनाओं के साथ सामाजिक संस्थाओं द्वारा किए जा रहे जमीनी स्तर के सफल कार्यों और नवाचारों को शामिल किया जाएगा। यह बात पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने गुरुवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में कही।
आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यशाला में राज्यमंत्री गौर ने कहा कि शासन और सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से इन समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अंत्योदय’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना जरूरी है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर फोकस
कार्यशाला का आयोजन संचालनालय, विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समुदाय विकास द्वारा किया गया। राज्यमंत्री ने कहा कि इन समुदायों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संस्थाओं से मिलकर काम करने और समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
घर-घर सर्वे और योजनाओं का लाभ
पद्मश्री भीकू रामजी ईदाते ने कहा कि इन समुदायों के विकास के लिए जमीनी स्तर पर घर-घर जाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने मध्यप्रदेश में आश्रम शालाओं, शोध केंद्रों और राज्य, जिला व तहसील स्तर पर संयुक्त समितियां बनाने का सुझाव दिया, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
अभिकरण अध्यक्ष बाबूलाल बंजारा ने सघन सर्वेक्षण जल्द पूरा करने और पात्र लोगों को जाति प्रमाण पत्र व आवास उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। सामाजिक चिंतक गोरेलाल ने रोटी, कपड़ा, मकान और स्वरोजगार की समस्याओं के स्थायी समाधान के साथ समुदायों की लोककला, लोकगीत और लोककथाओं के संरक्षण पर जोर दिया।
योजनाओं को एक मंच पर लाने की तैयारी
जॉइंट एक्शन प्लान में जन अभियान परिषद, ‘सीड’ योजना, ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्वयं सहायता समूहों तथा ‘बडी फॉर स्टडी’ और ‘उड़ान प्रोजेक्ट’ जैसी शैक्षणिक पहलों को जोड़ने की योजना है। इसके माध्यम से बेडिया, नट नागर और लोह पीट सहित विभिन्न समुदायों के शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की जाएगी।
कार्यशाला में भारत सरकार के DWBDNC के संचालक रहीस एम, विकास बोर्ड के अध्यक्ष बाबूलाल बंजारा, संचालक बुद्धेश कुमार वैद्य, विभागीय अधिकारी, विषय विशेषज्ञ और प्रदेशभर से आए सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
