निगम में शामिल हुए 10 साल, फिर भी विकास की राह देख रहा वार्ड 3

टूटी नालियां, खराब सड़कें, गंदा पानी और बिजली की समस्या से रहवासी परेशान; 500 मकानों की बस्ती में पार्क तक नहीं

नगर निगम सीमा का अंतिम गांव कोल्हूखेड़ी, जमुनिया क्षीर, भैंसाखेड़ी सहित कई बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, रहवासियों का आरोप- निगम में शामिल होने के बाद विकास की रफ्तार थम गई

भोपाल। नगर निगम के वार्ड 3 की सीमा इंदौर रोड तक है और कोल्हूखेड़ी इस वार्ड का अंतिम गांव है। वार्ड में कोल्हूखेड़ी, जमुनिया क्षीर, हरिजन बस्ती, माली बस्ती, भौंरी, भैंसाखेड़ी, कुम्हारपुरा सहित 25 से अधिक कॉलोनियां और बस्तियां हैं। क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि उनकी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। भौंरी, कोल्हूखेड़ी और जमुनिया क्षीर को नगर निगम में शामिल हुए करीब 10 साल हो गए हैं, लेकिन इन क्षेत्रों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। रहवासियों का आरोप है कि निगम में शामिल होने से पहले जितने विकास कार्य हुए थे, उसके बाद उतने काम नहीं हुए। वहीं नई कॉलोनियों में सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की बात भी रहवासी कहते हैं।

टूटी नालियों से सड़कों पर बहता है पानी

वार्ड के कई हिस्सों में नालियां टूटी पड़ी हैं। जहां नालियां बनी हुई हैं, वहां नियमित सफाई नहीं होने से उनमें कचरा जमा रहता है। बारिश के दौरान नालियों का पानी सड़कों और गलियों में बहने लगता है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। रहवासियों का कहना है कि नालियों में कचरा भरा होने से मच्छर पनप रहे हैं और सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें करने के बाद भी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई है।

नई बस्ती के मुख्य मार्ग से बस्ती तक जाने वाली सड़क भी उखड़ी हुई है। बारिश होने पर सड़क पर पानी भर जाता है। रहवासियों के अनुसार करीब तीन साल से सड़क की स्थिति खराब है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है। खराब सड़क के कारण बारिश के दिनों में पैदल चलने वालों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

500 मकान, लेकिन एक भी पार्क नहीं

क्षेत्र में करीब 500 मकान हैं, लेकिन यहां एक भी पार्क नहीं है। ऐसे में बच्चों को सड़क और गलियों में ही खेलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। रहवासियों का कहना है कि बस्ती में बच्चों के लिए पार्क की बहुत आवश्यकता है। फिलहाल बस्ती के बच्चे कभी-कभी भैंसाखेड़ी की ओर खेलने जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती आबादी को देखते हुए वार्ड में खाली जमीन या उपयुक्त स्थान चिन्हित कर पार्क विकसित किया जाना चाहिए।

पेंशन के लिए बार-बार दस्तावेज, फिर भी इंतजार

वार्ड के बुजुर्गों के सामने पेंशन की समस्या भी बनी हुई है। रहवासियों के अनुसार वृद्धावस्था पेंशन दो से तीन महीने में एक बार मिलती है। कमल सिंह वंशकर ने पेंशन शुरू कराने के लिए वार्ड में तीन बार सभी दस्तावेज जमा किए, लेकिन आज तक उनकी पेंशन शुरू नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि दस्तावेज जमा करने के बाद भी उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

रहवासियों का कहना है कि गरीब और बुजुर्ग लोगों के लिए पेंशन समय पर मिलना जरूरी है। यदि दस्तावेज पूरे हैं तो पेंशन शुरू करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए।

बिजली के बिल से भी परेशान रहवासी

क्षेत्र में बिजली के बिल को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। रहवासियों का कहना है कि बिजली के बिल लगातार परेशानी का कारण बने हुए हैं। गरीब परिवारों पर बिजली के बिल का बोझ पड़ रहा है। शिकायत करने के बाद भी कई मामलों में सुनवाई नहीं होने की बात लोगों ने कही है। उनका कहना है कि बिजली विभाग को बिलों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो।

कोल्हूखेड़ी में सफाई व्यवस्था पर सवाल

कोल्हूखेड़ी में नालियों की सफाई नहीं होने और गलियों में नियमित सफाई नहीं किए जाने की शिकायत है। रहवासियों के अनुसार नालियों की सफाई के बाद निकाला गया कचरा भी कई बार मौके से नहीं उठाया जाता। बाद में यही कचरा वापस नाली में चला जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार उन्हें अपनी नाली स्वयं साफ करनी पड़ती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यदि नालियों की नियमित सफाई के साथ निकले कचरे को भी तत्काल उठाया जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। बारिश के समय यह समस्या और बढ़ जाती है।

जमुनिया क्षीर में बिजली और सड़क की परेशानी

जमुनिया क्षीर में बिजली की समस्या भी बनी हुई है। रहवासियों के अनुसार ट्रांसफार्मर से जुड़ी केबल लाइन कमजोर है। इसके कारण बार-बार फाल्ट होता है और क्षेत्र में बिजली की समस्या बनी रहती है। लोगों का कहना है कि लाइन की जांच कर कमजोर केबल को बदला जाना चाहिए, ताकि बार-बार होने वाली बिजली की परेशानी से राहत मिल सके।

जमुनिया क्षीर में सड़क और नालियों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। कई जगह सड़कें बनी नहीं हैं और नालियां टूटी पड़ी हैं। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी जमा रहती है। बारिश के समय लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।

भैंसाखेड़ी में गंदे पानी की शिकायत

भैंसाखेड़ी में रहवासी पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि यहां गंदा पानी आने की शिकायत है। रहवासियों को आशंका है कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई तो स्थिति भागीरथपुरा जैसी हो सकती है। इस संबंध में शिकायत भी की गई है, लेकिन लोगों का कहना है कि अभी तक पानी के सैंपल नहीं लिए गए हैं।

रहवासियों की मांग है कि पानी के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि पेयजल से जुड़ी समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल जांच जरूरी है।

निगम में शामिल होने के बाद विकास की उम्मीद

वार्ड 3 के रहवासियों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के करीब एक दशक बाद भी गांवों और पुरानी बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं बनी हुई हैं। नई कॉलोनियों में सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की बात कही जाती है, लेकिन पुरानी बस्तियों में सड़क, नाली, सफाई, बिजली, पानी, पार्क और पेंशन जैसी समस्याओं का समाधान अब भी अपेक्षित है।

लोगों की मांग है कि नगर निगम क्षेत्र की सभी बस्तियों का सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। रहवासियों का कहना है कि निगम सीमा में शामिल होने के बाद उन्हें भी शहर जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी उनकी समस्याएं पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं।

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